पसंद करें
0
नापसंद करें

मुख और मुखौटा

देख लो नोचकर नाख़ून से मेरा चेहरादूसरा चेहरा लगाया है, न चिपकाया है.कहते हैं आईना दिल का हुआ करता है ये चेहरा, सब का.जैसे हों दिल में उमड़ते हुए जज़्बात, दिखा करते  हैं इस चेहरे पर.गर किसी ने जो ओढ़ रखा हो चेहरा एक औरदिल में हों ज़हर, पर चेहरे
 
SAMVEDANA KE SWAR