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अखबारों के बदलते मूल्य

कुछ ही समय पहले तक समाज की मीडिया के प्रचलित माध्यम अख़बार पर बड़ी आस्थाऐं थी। लेकिन यह आस्थाऐं इधर कुछ वर्षों से अख़बारों के पूंजीकेंद्रित रवैये के कारण आहत हुई हैं। भारत में उदारीकरण के बाद से अख़बारों के प्रकाषन समूहों को लगे मुनाफाखोरी के रोग ने समस्त
 
रोहित
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मीडिया पर हावी ‘खास आदमी’

अन्नू आनंद मीडिया में आम आदमी से जुड़ी ख़बरें सिकुड़ती जा रही हैं क्योंकि ‘खास आदमी’ आज मीडिया में हावी है। यह खास आदमी नेता, अभिनेता और ग्लैमर की दुनिया से लेकर अपराध जगत का कोई भी व्यक्ति हो सकता है। लेकिन जब आम आदमी की बात की जाती है तो उसका अभिप्रा
 
Annu Anand अन्नू आनंद
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मीडिया में आम आदमी

अन्नू आनंद पिछला दशक मीडिया के के लिए बदलाव का दशक था। इस दौरान प्रिंट और इलेक्ट्राॅनिक मीडिया में क्रांतिकारी परिवर्तन हुए। खासकर भाषायी पत्रकारिता में ऐसे बदलाव अधिक देखने को मिले। समाचारपत्रों का स्वरूप बदला। पन्नों की संख्या में बढ़ोतरी हुई। नए सं
 
Annu Anand अन्नू आनंद