पसंद करें
9
नापसंद करें

राम मिलन: इन्टरनेशनल ब्लॉगर मीट

राम त्यागी शिकागो से क्या आये और ऐसी इन्टरनेशनल ब्लॉगर मीट कर गये कि तबसे अब तक समय का ही आकाल पड़ गया है. व्यस्तता की हद ऐसी कि अपना प्रिय टिप्पणी दर्ज करने का भी शौक पूरा नहीं कर पा रहा हूँ तो मिलन कथा क्या लिखूँ. वैसे मिलन का पूरा वृतांत तो राम लिख ही
टैग: मिलन
पसंद करें
9
नापसंद करें

ये लिजिये विडियो और गिलहरी

रोज सुबह जागकर जब खिड़की के पास आकर बैठता हूँ तो छम्म से एक गिलहरी आकर खिड़की के पास बैठ जाती है. आंगन में खेलती है और थकती है तो फिर खिड़की के पास आकर सुस्ता लेती है. पहले जैसे ही उसकी तरफ देखता था, भाग जाती थी और खेलने लगती थी. फिर थोड़ी देर में आ जाती थी.
टैग: मिलन
पसंद करें
10
नापसंद करें

ब्लॉगर मीट- परिवारिक मीट-संगीत संध्या

  कल याने ३ अप्रेल को स्वप्न मंजुषा शैल याने अदा जी का अपने पतिदेव संतोष शैल जी और बिटिया प्रज्ञा के साथ आना हुआ. मात्र ४०० किमी की दूरी तय करने में निर्धारित कार्यक्रम से बस २ घंटे देरी से (रेल्वे के हिसाब से तो राईट टाईम ही कहलाया) आप लोग आये. :)
टैग: मिलन
पसंद करें
1
नापसंद करें

नदी का किनारा

बैठी किनारे इन्तजार करती उनकासाँझ ढलने को आयीपर वे न आयेदिल डुब सा रहाक्या वो आयेगेंकरती रही इन्ताजार उनकापर वे न आये
 
धीरज शाह
टैग: मिलन
पसंद करें
2
नापसंद करें

छतीसगढ़ ब्लॉगर मीट सम्पन्न

प्रियछतीसगढ़ ब्लॉगर मिलन सम्पन्न .विस्तृत वर्णन एवं चित्रों के लिए प्रतीक्षा करें
 
डॉ महेश सिन्हा
टैग: मिलन
पसंद करें
0
नापसंद करें

रायपुर ब्लॉग बैठकी रविवार 24 जनवरी को

कल अनिल से मुलाक़ात हुई तो उसने बताया की पाबला जी से बात हुई है और बैठक का समय 4 बजे रखा गया है .प्रारम्भिक बैठक प्रैस क्लब में होगी और उसके बाद भोजन के लिए प्रस्थान .
 
डॉ महेश सिन्हा
टैग: मिलन
पसंद करें
0
नापसंद करें

रायपुर ब्लॉगर बैठकी की तारीख में परिवर्तन कृपया नोट करें

ब्लागर बैठ्की रायपुर अपरिहार्य कारणो से स्थगित हो गयी है।अब यह बैठकी पुन: 24 जनवरी को होगीस्थान-प्रेस क्लब-रायपुरदिन-रविवारसमये 1 बजेदिनांक-24/01/2010 
 
डॉ महेश सिन्हा
टैग: मिलन
पसंद करें
2
नापसंद करें

वो जो आये

वो जो आये तो उजाला आया सर्दी की शाम, दुशाला आया । हम तो गमगीन थे जुदाई में यकबयक वस्ले सिलसिला आया । उनके आते गले में आयी खनक उनके आते हवा मे आयी महक उनके आते खुशी भी पडी चहक या खुदा इश्के-जलजला आया । बंद हवाएँ भी गुनगुनाने लगीं फिजाएँ गीत कोई गानें
टैग: मिलन