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मुला चिट्ठाचर्चा से इसका कउनौ रिलेशन नहिं है

एक्ठो रहें बड़े ओहदे वाले बड़का ब्लॉगर.. सो डिस्केशन डिस्केशन में उनका डिलेवर भी ब्लॉग-श्लॉग लिख लेने लगा रहा । उनकी काम वाली बाई भी कुछ कविताई की बेहयाई कर लेती रही, सो  वहू  ब्लॉगर को पकड़... -९९९- पूरा आलेख मूल ब्लॉगपृष्ठ पर पढ़ने हेतु शीर्षक पर
 
डा. अमर कुमार