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युवा प्रखर-मुखर मिथलेश दुबे- चिट्ठाकार-चर्चा (ललित शर्मा)

नवयुवाओं के विषय में बुजुर्ग लोग हमेशा सोचते हैं कि इनकी बुद्धि अभी परिपक्व नहीं हुयी है. ज्यादा दूर की नहीं सोच सकते. बिना सोचे समझे उल्टा-सीधा करते रहते हैं. जब भी मौका मिलता है तो उनको फटकार दिया जाता है.हमारे साथ भी यही होता था. हम भी जब कभी
 
ललित शर्मा