पसंद करें
0
नापसंद करें

एक सहपाठी से बात चीत का अंश

कहाँ बदे निकला रहे कहाँ उतिराने कल अपने एक सहपाठी पुट्टुर से बात हुई। उस बाच चीत का एक अंश यहाँ छाप रहा हूँ। इसके लिए पुट्टुर से अनुमति ले ली है। पुट्टुर और मैं 8वीं तक एक साथ पढ़े हैं। जब मन करता है मैं पुट्टुर से बतियाता हूँ। पुट्टुर और मेरा गाँव पहले
 
बोधिसत्व