रवीश कुमार के बहाने हिन्दी बुद्धिजीवी और मीडिया
( नामवर सिंह) हिन्दी में अधूरी तस्वीर देखने का रिवाज है। अधूरी इमेजों में भ्रमित रहने वालों को यह भ्रम होता है कि वे ही हिन्दी के पब्लिक इंटलेक्चुअल या जन-बुद्धिजीवी हैं।
Jun 15 2010 09:48 AM



Shuffle








