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चीन में मुसलमान विरोधी आंधी

(प्रसिद्ध चीनी अर्थशास्त्री लाहम तोहती)                         चीन में मुसलमानों की खैर नहीं है। चीन के जिन इलाकों में मुस्लिम आबादी है वहां जबर्दस्त दमन चल रहा है,भारत में
 
jagadishwar chaturvedi
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तथाकथित मानवाधिकार वादियों बस्‍तर के आदिवासियों को मुहरा बनाना बंद करो

पिछले दिनों छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के गलियारों से एवं समाचार पत्रों से प्राप्‍त जानकारी छत्‍तीसगढ़ के लिए तो चौंकाने वाला नहीं है किन्‍तु यह उन तथाकथित वनवासियों के शुभचिंतकों के लिए अवश्‍य चौंकाने वाला है. इस समाचार से यह स्‍पष्‍ट हो गया है कि तथाकथित
 
संजीव तिवारी .. Sanjeeva Tiwari
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संचार क्रांति का मानवाधिकार कार्यकर्ता है ‘ ट्विटर' और 'ब्लॉगर'

    भारत में ‘ ट्विटर’ को अभी भी बहुत सारे ज्ञानी सही राजनीतिक अर्थ में समझ नहीं पाए हैं ,खासकर मीडिया से जुड़े लोग भारत के विदेश राज्यमंत्री शशि थरुर के ‘ट्विटर’ संवादों पर जिस तरह की बेवकूफियां करते हैं उसे देखकर यही कहने की इच्छा
 
jagadishwar chaturvedi
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विश्वरंजन या तो मारे जाएंगे या जेल जाएंगे - सुप्रीम कोर्ट के प्रमुख जनहित वकील प्रशांत भूषण ने आक्रोश में कहा

दैनिक छत्तीसगढ़ के मुख्य पृष्ट  मे आज प्रकाशित रपट विशेष संवाददाता, रायपुर, 11 जनवरी (छत्तीसगढ़)। प्रसिद्ध सुप्रीम कोर्ट वकील और अनेक जनवादी संगठनों की ओर से विभिन्न मामलों में पैरवी करने वाले प्रशांत भूषण छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक विश्वरंजन पर
 
संजीव तिवारी .. Sanjeeva Tiwari
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मुसलमान होने की सज़ा

नाम में क्या रखा है, ये कहने के बाद शेक्सपीयर सदियों पहले मर गया. लेकिन नाम से निकलने वाली प्रतिध्वनियां आधुनिक मनुष्य का पीछा नहीं छोड़ रही हैं. जटिलता भरे समाज में नाम का मसला इंसान की एक ख़ास तरह की पहचान से जुड़ जाता है. इसके आधार पर जहां बहुसंख्
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सुंदर यूटोपिया है मानवाधिकार

आज कितने देश हैं जहां मानवाधिकार सुरक्षित हैं ?   कितनी सरकारें उनका पालन कर रही हैं ? मानवाधिकार आज के युग की सबसे बड़ी दुर्घटना है। अमरीका , ब्रिटेन , फ्रांस , जापान , जर्मनी , रूस से लेकर भारत तक मानवाधिकारों की हालत खस्ता है। उनके बारे में आ
 
jagadishwar chaturvedi
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जीओ और जीने दो

मानव अधिकारों में जीवन का अधिकार मेरे विचार से प्राथमिक अधिकार है । यदि मानव जीवित रहेगा तभी अपने अन्य अधिकारों का उपभोग कर सकेगा । मुर्दे के अधिकार में तो केवल नष्ट होना ही होता है । देश में सुरक्षा का माहौल जो आज दिखाई देता है और जन साधारण का आत्मर
 
सुरेश पण्डा
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जीओ और जीने दो

मानव अधिकारों में जीवन का अधिकार मेरे विचार से प्राथमिक अधिकार है । यदि मानव जीवित रहेगा तभी अपने अन्य अधिकारों का उपभोग कर सकेगा । मुर्दे के अधिकार में तो केवल नष्ट होना ही होता है । देश में सुरक्षा का माहौल जो आज दिखाई देता है और जन साधारण का आत्मरक्षा
 
सुरेश पण्डा