पसंद करें
4
नापसंद करें

ब्लॉग पर दंगल की शुरुआत --- माइक्रो पोस्ट

इंटरनेट पर ब्लॉगिंग की सर्वप्रथम शुरूआत करने वाले का क्या मकसद रहा होगा ये तो पता नहीं पर ये जरूर पता है कि ये तो नहीं रहा होगा जो आजकल दिख रहा है।इन सब बातों पर ध्यान दिये बिना इसपर ध्यान दें तो आपका भी फायदा हो सकता है। चूके तो गये।चित्र गूगल छवियों से
 
डॉ० कुमारेन्द्र सिंह सेंगर
पसंद करें
0
नापसंद करें

फाँसी बनी गले की फाँस

कसाब को फाँसी, कोली को फाँसी....अब और कोई बचा है? नहीं बचा? चलो कोई बात नहीं...।देशवासी फैसले आने के बाद प्रसन्न दिखे किन्तु मन में कुछ इसी तरह के विचार उभरे। अब देखिये कि कब तक फाँसी होती है? अभी तो पहले के 29 बकाया हैं, भले ही राष्ट्रपति जी के पास
 
डॉ० कुमारेन्द्र सिंह सेंगर
पसंद करें
0
नापसंद करें

मंहगाई के कारण बदला मुहावरा - माईक्रो पोस्ट

मंहगी होती दाल और सस्ते होते चिकन के कारण बहु-प्रचलितए लोकप्रिय मुहावरे ‘‘घर की मुर्गी दाल बराबर’’ को बदलने का मन करता है। अब यह मुहावरा इस प्रकार होना चाहिए--- ‘‘घर की दाल मुर्गी बराबर’’ --------------- कहिए सही है न!!!! ---------------- चित्र गूगल
 
डॉ० कुमारेन्द्र सिंह सेंगर
पसंद करें
0
नापसंद करें

नानाजी की चिट्ठियों का प्रकाशन शुरू

बिलासपुर के श्री हरिगोपाल गौड़ की बच्चों को सीख देतीं चिट्ठिया "नानाजी की चिट्ठियां" प्रकाशित की जा रहीं हैं। इन चिट्ठियों से आज भी बच्चे और हम बड़े भी बहुत कुछ सीख सकते हैं। चिट्ठियां इस ब्लॉग पर पढ़ी जा सकतीं हैं।
 
डॉ० कुमारेन्द्र सिंह सेंगर
पसंद करें
0
नापसंद करें

माइक्रो पोस्ट - आपा ने आपा खोया

कल जोशी जी ने आपा खोया, आज आपा ने आपा खोया। परिणाम - 14 दिन की न्यायिक हिरासत।
 
डॉ० कुमारेन्द्र सिंह सेंगर
पसंद करें
4
नापसंद करें

क्या सबूत है बलात्कार न करने का?

एक सवाल पर निवेदन वही कि पूर्वाग्रह छोड़ें और जवाब दें। एक स्त्री और एक पुरुष पूर्ण सहमति के बाद शारीरिक सम्बन्ध बनाते हैं। संसर्ग के बाद वह स्त्री उसी पुरुष पर बलात्कार का आरोप लगाती है। जाँच के बाद महिला से शारीरिक सम्बन्ध बनाया जाना भी सिद्ध होगा क
 
डॉ० कुमारेन्द्र सिंह सेंगर
पसंद करें
1
नापसंद करें

क्या हमारी सीमा और सेना चाक-चैबन्द हैं?

हमारे पड़ोसी देश पाकिस्तान का पारम्परिक उत्सव शुरू होने वाला है। तैयारियाँ पूरे जोरों पर हैं। लोग (पाकिस्तान के) पूरे उत्साह के साथ भाग लेने के विचार में हैं। वहाँ उत्सव की तैयारी चल रही है तो ऐसे में भारत को सतर्क रहने की आवश्यकता है। क्या हमारी सीमा
 
डॉ० कुमारेन्द्र सिंह सेंगर
पसंद करें
0
नापसंद करें

होली को क्या ऐसे ही मनाते हैं?

होली पर सौहार्द्र के संदेश भेजना, शुभकाम नायें देना, फोन कर ना, एस एम एस कर ना , पुरुष वर्ग द्वारा ‘‘होली है’’ का नारा लगा कर शराब तथा दूसरे नशों में मस्त रहना , ( कुछ महिलायें भी इसमें शामिल हैं) महि लाओं द्वारा गुझिया, पापड़ी, चाय , खा ना आदि की तैय
 
डॉ० कुमारेन्द्र सिंह सेंगर