न हमारी आग का रंग बदलेगा – महेन्द्र नेह
न हमारी आग का रंग बदलेगा – महेन्द्र नेह
( a kavita poster by ravi kumar, rawatbhata)
शब्दों के कुछ समूह हमारी चेतना पर अचानक एक हथौडे़ की तरह पड़ते हैं, और हमें बुरी तरहझिंझोड़ डालते हैं. दरअसल हथौडे़ की तरह पड़ने और बुरी तरह झिंझोड़ डालने वाली
Feb 20 2010 07:45 PM



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