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आधी आबादी की चुनौती

बदलते दौर में महिलाओं को सामाजिक बराबरी का दर्जा देने के दावे भले ही किए जाएं,लेकिन सच ये है कि हमारा समाज आज भी महिला को उपभोग की वस्तु ही समझता है।लिंगभेद मिटाने के नारों के बावज़ूद,चाहे-अनचाहे,यहां तक कि आज़ादी के नाम पर भी महिलाओं का शोषण ज़ारी है।तो
 
PRATIBHA RAI
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बदलते दौर में महिलाओं को सामाजिक बराबरी का दर्जा देने के दावे भले ही किए जाएं,लेकिन सच ये है कि हमारा समाज आज भी महिला को उपभोग की वस्तु ही समझता है।लिंगभेद मिटाने के नारों के बावज़ूद,चाहे-अनचाहे,यहां तक कि आज़ादी के नाम पर भी महिलाओं का शोषण ज़ारी है।तो
 
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