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शहीद दिवस : येहुदा अमिखाई की कविता

(पिछले कुछ दिनों से सांप्रदायिक-जातिवादी और अंधराष्ट्रवादी हिंसाओं की जीत और कामयाबियों का जश्न जिस तरह से मीडिया, अखबार और राजनीति में मनाया गया, वह भयावह था। इस उपमहाद्वीप की सारी अशक्त आबादी या गैर-राजनीतिक नागरिकता इस समय ऐतिहासिक असुरक्षा और वध्यता
 
Uday Prakash