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आदर्श की बातें-हिन्दी शायरी
गनीमत है इंसान के पांव सिर्फ जमीन पर चलते हैं, उस पर भी जिस टुकड़े पर जमें हैं उसे अपना अपना कहकर सभी के सीने तनते हैं, हक के नाम पर हर कोई लड़ने को उतारू है। अगर कुदरत ने पंख दिये होता तो आकाश में खड़े होकर हाथों से एक दूसरे पर आग बरसाते, [...]
Jun 01 2010 08:24 PM



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