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देख तेरी हॉकी की हालत क्या हो गई हिन्दुस्तान

देख तेरी हॉकी की हालत क्या हो गई हिन्दुस्तान मानो किसी ने चबा कर यूं ही थूक दिया हो पान टीम तो हो गई चारो खाने चित्त स्पोंसरों से लिए रुपये बटोर फिर भी कुछ ना हुआ साबित ये वृद्धावस्था के लक्षण है…. या है जवानी की थकान देख तेरी हॉकी की हालत क्या हो
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शाहरूख बनाम शिव सेना : आप किधर हैं ?

शाहरूख खान अभी अमेरिका और इंग्‍लैंड की यात्रा पर हैं। वे अपनी फिल्‍म माय नेम इज खान के प्रचार के लिए वहां गए है। उनके एक बयान पर शिवसैनिक भड़के हुए हैं। उन्‍होंने चेतावनी दे रखी है कि वे सिनेमाघरों में माय नेम इज खान नहीं चलने देंगे। उनकी इस धमकी से सभी
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जोधपुर की मावा कचौरी

पिछले दिनों हेमा मालिनी की प्रोडक्शन कंपनी की फिल्‍म ‘टेल मी ओ खुदा’ की शूटिंग कवरेज और फिल्म के कलाकारों से बातचीत के सिलसिले में जोधपुर जाने का मौका मिला। राजस्थान ने अपने राजसी अतीत का पर्यटन उद्योग में सुंदर निवेश किया है। राजाओं ने
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सिर्फ मनोरंजन ही नहीं,सूचना और जानकारी भी देती हैं फिल्‍में

हाल ही हमलोगों ने सिनेमा का अद्भुत चमत्‍कार ‘अवतार’ के रूप में देखा। ले‍खक-निर्देशक की कल्‍पना को तकनीक का सहारा मिल जाए तो उसकी उड़ान असीम हो सकती है। नावी ग्रह के नागरिकों को देखते हुए हम उनके दुख-दर्द से जुड़ जाते हैं और अपने ग्रह के
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हिंदी समाज की उपलब्धि बनीं प्रियंका और कंगना ???

माफ करें। फेसबुक पर कल यह राय रखी थी। दोस्‍तों ने इस पर टिप्‍पणियां दीं और अपनी साच जाहिर की। मुझे लगता है कि प्रियंका खेपड़ा और कंगना रानाऊत को मिले राष्‍ट्रीय पुरस्‍कार को हिंदी समाज की उपलब्धि के तौर पर देखा जाना चाहिए। लिखने और बताने की जरूरत नहीं कि
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पाजीटिव एनर्जी से भरपूर शाहरूख खान और उनका दफ्तर

फिल्‍म पत्रकारिता में ऐसे दिन कम मिलते हैं। पिछले बुधवार 20 जनवरी को संयोग ऐसा बना कि पहले अमिताभ बच्‍चन और फिर शाहरुख खान के इंटरव्‍यू का सुयोग बना। हिंदी फिल्‍मों के लोकप्रिय स्‍टारों से मिलना हमेशा सुखद रहता है। हम पत्रकारों को यह सुविधा मिलती रहती है
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मरे नहीं हैं मंटो

सआदत हसन मंटो के बारे में कुछ भी लिखना कम होगा। पिछली बार लाहौर यात्रा में उनके निवास लक्ष्‍मी मैंशन की खोज अधूरी रही थी। हां,उनके चौराहे के अनारकली ज्‍यूस सेंटर से हो आए थे। ऐसा नहीं लगा कि पाकिस्‍तान उनके नाम पर गर्व करता है। वैसे अपने यहां भी कौन
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सलमान का सच-2

उस रात खाने के लिए गए और जागरण जंक्‍शन पर लौटना नहीं हो सका। अपनी गाड़ी चलती रही। मथुरा और आगरा हो आए। जागरण जंक्‍शन के कई मशहूर हो रहे ब्‍लागरों से मुलाकात हुई। तबियत तो हुई कि वहीं कुछ पोस्‍ट करूं,लेकिन ठंड में मन अलसा गया। हां तो,मैं बात कर रहा था