आगन्तुकों से एक अपील
हे आगंतुक गण! तनिक सुनो!
सीढ़ी के कोनों पर थूके हुए पान,
समंदरी रेत पर पाँव के निशान,
धरोहरों की दीवारों पर जोड़ों के नाम,
मौके बेमौके भेजे हुए टेलीग्राम,
शादी के कार्डों पर छपे हुए नाम,
की छपाई की तरह ही होती हैं ये
हमारी और आपकी टिप्पणियोँ.
इसीलिये,
Jun 23 2009 03:37 PM



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