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थम थारी अठ्ठन्नी थारै धोरै राखो !

आज आपको मैं एक असली ताऊ की कहानी सुनाता हूँ ! दोस्तों, इस सच्ची घटना का सम्बन्ध हमारे ताऊ रामपुरिया जी से नही है ! कभी वो नाराज हो जाएँ ! और वो हमेशा अपनीगलती की वजह से ताई से "मेड इन जर्मन" लट्ठ से पिटते रहते हैं ! और नाम इसमे बदनाम होता है पहला तो
 
दीपक "तिवारी साहब"