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रंभा का शाही हनीमून

साउथ के हीरोइनों के खूब जलवे है। वे पैसा को पैसा नहीं समझती। पैसा खर्च करने की चीज है। खर्च जी भरकर करो। लेकिन हीरोइनें जो खर्च करती हैं वो किसी सामाजिक कार्य में नहीं, बल्कि ग्लैमर को मेनटेन करने के लिेए सारी कवायद होती है। लेकिन एक अभिनेत्री ऐसी भी है
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तलवार की धार पर 60 करोड़ की राजनीति

अब बदलेगा राजनीति का रंग। दिखेगी वो सारी चीजें जो अब तक पर्दे के पीछे ही नई कहानी गढ़ती थीं। अब आप भी सोच रहे होंगे कि राजनीति की किस कहानी के बारे में शब्द पर शब्द पिरोए जा रहे हैं तो हम तो आपसे यही कहेंगे जनाब जरा सांस तो लीजिए। आप सोनिया गांधी की
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प्रकाश झा की राजनीति !!

राजनीति विषय को लेकर हमारे यहाँ बहुत सारी फिल्में बनी हैं. कुछ घरेलू राजनीति के बारे में हैं जैसे खानदान,अपने-पराए या संसार …. कुछ जुर्म की राजनीति पर जैसे कंपनी या सरकार...कुछ प्यार की राजनीति पर जैसे देवर, गाईड या अजब प्रेम की ग़ज़ब कहानी…या फिर
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‘कामरेड’ का टूट गया तिलिस्म-हिन्दी लेख

आखिर कामरेड शब्द का तिलिस्म टूट गया। कहना कठिन है कि चीन में साम्यवादी व्यवस्था एकदम खत्म हो जायेगी पर इतना तय कि कामरेड शब्द से पीछा छुड़ाना इसकी एक शुरुआत का संकेत हो सकती है। मार्क्सवाद पर आधारित विचारधाराओं का आधार केवल नारे और वाद हैं और कामरेड
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कमाई के चक्कर में कुछ भी जायज

छोटे भाई की प्रेमिका से बड़ा भाई शादी कर लेता है। सास बहू से कहती है कि पराए मर्द से संबंध बनाकर बच्चा पैदा करो। बेटा मां की जान के पीछे पड़ा है। कोई देवी का अवतार बनकर बैठी है तो कोई शैतान का रूप लेकर लोगों को डरा रही है। कोई जमींदार किसी मासूम गरीब की
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तेरी बातों में किमाम की खुशबू है :- गुलज़ार

गुलजार मुंह पर खरी बात बोलने के लिए जाने जाते हैं। हाल ही में एक इवेंट के दौरान गुलजार चेतन भगत पर बिफर पड़े। इस इवेंट में गुलजार और चेतन एक मंच पर आजू-बाजू में बैठे थे। चेतन इसमें संयोजक की भूमिका में थे। इसी प्रक्रिया में वह एक गंभीर चूक कर बैठे।इस
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बोल्ड सीन पर गरमाई 'राजनीति'

फिल्म 'राजनीति' पर जमकर राजनीति हो रही है। राजनीति हो भी क्यों नहीं जब फिल्म में कैटरीना कैफ का किरदार कांग्रेस सुप्रीमो सोनिया गांधी से मिलेगा तो चर्चा तो होगी ही। लेकिन यहां बात चर्चा तक ही सीमित नहीं है। अब ये समझ से परे से है कि इस फिल्म से किसी
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फिल्म राजनीति को UA सर्टिफिकेट !!

फिल्म 'राजनीति' में अर्जुन रामपाल और कैटरीना कैफ के बीच फिल्माए गए गर्मागर्म दृश्यों पर सेंसर बोर्ड ने कैंची चला दी है|इतना ही नहीं इस फिल्म को सेंसर ने UA सर्टिफिकेट देकर पास किया है| वैसे फिल्म के डायरेक्टर प्रकाश झा अर्जुन-कैट के बीच फिल्माए
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प्रियंका के खेल से क्रिकेटर भागे

प्रियंका चोपड़ा का एक सपना अधूरा रह गया। बेचारी ने इस सपने को पूरा करने के लिए न जाने कब से अपनी पलकें बिछा रखी थीं, लेकिन कहते हैं ना वही होता है जो मंजूर-ए-खुदा होता है। शायद खुदा की मर्जी थी जो प्रियंका का सपना पूरा नहीं हुआ। प्रियंका को लग गया है
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राजनीति :मानस खत्री की हास्य कविता

ऐ देश के लफंगों, नेता तुम्ही हों कल के, यह देश है तुम्हारा, खा जाओ इसको तल के. चुनाव के पहले नेता घर-घर मांगने जाते हैं वोट, और फिर चुनाव के बाद, अपनी भोली जनता को, पहुचाते हैं गहरी चोट. भारत की राजनीति है एक गन्दी बहती नाली, जिसमें बैठ कर नेता, वसूलते
 
Manas Khatri
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सलमान की भाईगीरी या दादागीरी?

भगवान ने सलमान को जितना सुंदर चेहरा दिया है, जितनी खूबसूरत व्यक्तित्व दिया है पता नहीं क्यों इतना ही खूबसूरत दिमाग देना क्यों भूल गए। अब देखिए ना, सलमान को अपनी जिंदगी पर आधारित फिल्म भी गंवारा नहीं। बेचारे उस निर्माता का क्या हुआ होगा जिसकी फिल्म सारी
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काईटस….

खुप दिवसात सिनेमागॄहात जाउन कोणता सिनेमा पाहिण्याचा योग आला न्वहता.खरतर बरयाच काळात अगदि आवर्जुन सिनेमागॄहात जाउन पहावा असा कोणता नविन सिनेमा मला जाणवलाच नाही .पण ऋतिकच्या काईटस ची तर वाट मनापासुन पाहत होतो. खरतर मला तो पहिल्याच दिवशी पाहायचा होता.पण
 
देवेंद्र चुरी
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काही अश्या रीतीने…

काही अश्या रीतीने तुझ्या पापण्या माझ्या पापण्यांशी मिळु दे अश्रु तुझे सारे माझ्या पापण्यांवर सजु दे…. तु प्रत्येक वेळी,प्रत्येक क्षणी माझ्याबरोबरच राहिली आहेस हा हे शरीर कधी दुर तर कधी जवळ राहिल असेल तुझ्या सगळ्या दु:खांना आता तु माझा पत्ता
 
देवेंद्र चुरी
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महानता के शिखर-हिन्दी शायरी

चाहने से सभी महान नहीं बन जाते हैं, आकाश छूने की कोशिश में कई लोग जमीन पर आकर गिर जाते हैं। जिन्होंने जमीन पर चलते हुए पत्थरों की आवाज को भी सुना है, कांटो के साथ भी दोस्ती को चुना है, चलते चलते पड़े छाले जिनके पांव में, लालच की खातिर पकड़ा नहीं रास्ता बड़े
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सा रे ग म प…

लहानपणापासुनच अगदि मनापासुन मी प्रेम केल ती गोष्ट म्हणजे संगीत.तानसेन नाही पण अगदि जातीचा कानसेन आहे मी लहानपणापासुन म्हणजे अगदि शास्त्रीय संगीत वैगेरे एकत नसलो तरी बरयाच क्लासिकल गाण्यांचा मनसोक्त आस्वाद घेतो.ती एकुन मला आनंद मिळतो ना अजुन काय हवे.तस हे
 
देवेंद्र चुरी
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गब्बर के साम्भा ने दुनिया को अलविदा कहा.

भारतीय फ़िल्म के सुप्रसिद्ध चरित्र अभिनेता मैक मोहन का सोमवार को मुंबई के एक अस्पताल में निधन हो गया. उन्हें कैंसर था.मैक मोहन को हिंदी सिनेमा की सुपर हिट फ़िल्म शोले के सांभा के नाम से ज़्यादा ख्याति मिली और लोग उन्हें उसी नाम से पुराकरने लगे थे.मैक
 
रजनीश के झा (Rajneesh K Jha)
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हाय रे परीक्षा :मानस खत्री की हास्य कविता

३ घंटे में करने होते हैं लघ्भाक ४० सवाल, एक भी छूटा तो घर पर होता है बवाल. परीक्षा के एक दिन पहले, रात को नींद नहीं आती है, अच्छा नंबर पाने के लिए, भगवान की याद आती है. रखते हैं विद्यार्थी भगवन का व्रत, अगर फेल हुए तो होता है "डंडे से नृत्य".
 
manasfaizabad
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काली कारतूत पर साधुता की संज्ञा लिखाते-हिन्दी व्यंग्य कविता

शौहरत के शिखर पर वह बैठे हैं नीचे आने से उनको डर लगता है, उनके ऊंचे इंसान होने का वहम बना हुआ है लोगों में नीचे आने पर अपने बौने चरित्र की पहचान होने से उनका दिल घबड़ाने लगता है। ———- साधु ही हमेशा मौन की राह नहीं अपनाते, कसूरवार भी उसकी
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वक्त पड़े तो वह दिल भी बदल लेते हैं-हिन्दी शायरी

किसी के एक चेहरे की एक अदा पर यकीन न किया करो बाज़ार के सौदागरों के इशारों पर अदाकार कभी मुखौटे तो कभी अदायें बदल लेते हैं। तुम अपने जज़्बातों पर काबू रखो जुबां से भले ही तारीफ करो पर दिल मत लगाओ उनकी अदाओं में वक्त पड़े तो वह दिल भी बदल लेते
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पाकिस्तान फैशन वीक है जी

आज हफिंगटन पोस्ट में पिछले नवंबर में हुए पाकिस्तान फैशन वीक से यह तस्वीर छपी है। पोस्ट नें लेख का शीर्षक दिया है “वाट द….?”। सच है, तस्वीर अपनी कहानी खुद कहती है, शब्दों की अधिक आवश्यकता नहीं है। मेरा बस यह कहना है… यह फैशन वीक
 
रमण कौल
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क्या औरत की कोई इज्जत नहीं?

क्या एक औरत किसी औरत से कह सकती है कि तू पराए मर्द के साथ सोकर बच्चा पैदा कर। बहुत संभव है ऐसा कम ही होता होगा। भारतीय समाज में तो विरले ही इस तरह की बातें होती हैं। लेकिन अब क्या करें, भारत का समाज भी तो एडवांस होता जा रहा है। अब अगर आपका पति नपुंसक है
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भोजपुरी फिल्म में रवीना टंडन

यदि आप रवीना टंडन को भोजपुरी बोलते हुए सुने तो ज्यादा चौकिएगा मत, क्योंकि इन दिनों मैडम का दिल भोजपुरी पर आ गया है। बॉलीवुड की इस मस्त मस्त गर्ल आजकल मनोज तिवारी के साथ भोजपुरिया रंग में डूबने की तैयारी कर रही है। दरअसल बात ये है कि हिंदी फिल्म इंडस्ट्री
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नीलामी में इनाम-हास्य कविता

आशिक जूझ रहा था क्रिकेट खिलाड़ी बनने के लिये तो माशुका भी खड़ी थी फिल्म अभिनेत्री बनने की पंक्ति में कई उसने साक्षात्कार भी दिये। बढ़ते जा रहे थे दोनों के कदम इश्क के साथ अपने लक्ष्य की तरफ भी सफलता के लिये। पर आशिक की चिंतायें बढ़ रही थी रौशन करना चाहता था
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स्त्री मुक्तीवाला चित्रपट

काही गोष्टी अगदी अनाहूत पणे घडतात. जसे हा चित्रपटाची माझ्या कडे गेले कित्त्येक दिवस आहे, पण नावामुळे असेल कदाचित पण पहाण्याची इच्छाच होत नव्हती. पण जेंव्हा समजलं की हा चित्रपट ऑस्कर विनर आहे,तेंव्हा मात्र ठरवलं की आत तो बघायचाच! ७ मार्चला दुपारी पाहिला
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राहुल और राजा चौधरी का छिछोरापन

 दो कैरेक्टर आजकल लोगों का खूब मनोरंजन कर रहे हैं। इनकी जिंदगी लव, सेक्स और धोखा में सिमट कर रह गई है। लड़कियों को प्यार के जाल में फंसाना और फिर शादी का प्रलोभन देकर उनके साथ रंगरलियां मनाना तो समझिए इनका पुराना शौक है। भई अब एक लड़की या बीवी से
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नो हनीमून लाइव, कोर्ट का निर्देश

लगता है अब दुल्हन का घूंघट उठ जाएगा। दुल्हन के होठों पर मुस्कान तैर जाएंगी। अरमान और जवां हो जाएंगे। अजी जनाब बात ही ऐसी है। अब तक ये डर था कि कहीं अरमानों पर कोर्ट पानी न फेर दे, लेकिन ये क्या कोर्ट ने दो दिलों को प्यार करने की इजाजत दे दी। चलिए दो
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मुंह खुले पर कान बंद रहे-हिन्दी हास्य कविताएँ

विषयों के भूल जाना उनके सोचने का तरीका है। अपनी कहते रहते हैं सुनने का नहीं उनको सलीका है। ———– वादों का व्यापार दिल बहलाने के लिये किया जाता है, मतलब निकल जाये तो फिर निभाने कौन आता है। ———– बहसों को दौर
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मिसेज महाजन की राजनीतिक चाहत

आखिरकार राहुल दुल्हनिया ले ही गया। कोलकाता की डिम्पी गांगुली को अपना हमसफर बना ही लिया। वैसे छोटे पर्दे पर राहुल का स्वयंवर तो हो रहा था लेकिन जो राहुल की इमेज है और ६ मार्च के पहले जो परिस्थितियां पैदा हुईं उसे देखकर ये अटकलें भी लगनी शुरू हो गई थी कि
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बस इतनासा ख्वाब है…

अगदी निर्धास्त होवुन बघा हे पोस्ट कारण मी इथे काही लिहत नाही्ये… .तर आजच्या युगातील एका महान माणसाचे काही दुर्मीळ असे फ़ोटोस इथे तुमच्याबरोबर शेअर करीत आहे. तुम्हाला या व्यक्तीबद्दल खाली कमेंटमध्ये काही लिहायच असेल तर जरुर लिहा.आजच्या काळातही अशी
 
देवेंद्र चुरी
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तोहफों के जाल में प्यार-हिन्दी व्यंग्य कविता (love and gift-hinci satire poem)

अब प्यार जताने का सिलसिला तोहफों से चलने लगा है, इसलिये आदमी तोहफे देकर हर इंसान प्यार खरीदने लगा है। तोहफों की कीमत जितनी बढ़ेगी, प्यार की ऊंचाई भी उतनी लगेगी, नजरों का दोष है कि दिल का प्यार जाहिर करने की ख्वाहिशों के आगे हर तोहफा सस्ता लगने लगा है, मगर
 
दीपक भारतदीप
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उल्लुओं का क्या होगा-हिन्दी हास्य कवितायें

क्रीम पाउडर से सजे चेहरे सौंदर्य का पर्याय बन गये हैं, भयानक चेहरे भी खूबसूरती की दौड़ में भागने के लिये बनठन गये हैं। ———– न राई थी, न पहाड़ था, न तिल था, न ताड़ था, फिर भी वह ख्वाब बेचकर सौदागरों ने पैसा कमाया। इसतर बड़े ठग ने छोटे
 
दीपक भारतदीप
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ऐसे लोग कम हैं-हिन्दी व्यंग्य कविता

सभी को बताये रास्ते पर खुद चलें, ऐसे लोग कम हैं। दूसरे को सिखायें दांवपैंच, जो अजमाने में खुद बेदम हैं।। हवा के झौंके से कांपने लगता है पूरा उनका बदन, जमाने को डरपोक बतायें, अपनी बहादुरी के उनको वहम हैं।। दूसरों की रौशनी में चले हैं पूरी जिंदगी का
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साउंड ऑफ म्युझिक …

मारीया!! नदीचं खळाळतं पाणी कसं वाहात असतं- कुठलाच धरबंद नसल्यासारखं? तसं व्यक्तिमत्व.कित्येक वर्ष मनामधे घर करुन बसलेली ही ज्युली कधी तरी रोजच्या जिवनात एकदम आठवते. काही तरी कारण असतं लहानसंच- पण “आय सिम्प्ली रिमेम्बर माय फेवरेट थिंग्ज व्हेन आय फिल
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छोटे और बड़े साहब-हिन्दी क्षणिकाएँ (boss culture-hindi comic poem)

 दिन भर अपने लिए साहब शब्द सुनकर वह रोज फूल जाते हैं। मगर उनके ऊपर भी साहब हैं जिनकी झिड़की पर वह झूल जाते हैं। ——————– नयी दुनियां में पुजने का रोग सभी के सिर पर चढ़ा है। कामयाबी का खिताब नीचे से ऊपर जाता
 
दीपक भारतदीप
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कोलतार घपला बनाम मलका मसूर घपला

धांसू खबरें हैं नवभारत टाइम्स में- दिल्ली सरकार नौ तरह की दालें बेचेगी। मदर डेरी पर चावल बिकेंगे। सरकारी दालों में उड़द दाल धुली 58 रुपये और मसूर मलका (लाल) 55 रुपये बिकेगी। महंगाई ऊपर जाती है, तो सरकार एयरकंडिशंड दफ्तर से उतरकर नीचे आती दीखती है दाल
 
आलोक पुराणिक
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चोरी तो ये शाहरुख और करीना जैसे सिखाते हैं

शाहरुख, सलमान, करीना, कटरीना, आमिर, अक्षय, शाहिद, रितिक...और न जाने कितने कपूर और कितने खान और कितने बच्चन...सब जिम्मेदार हैं। सीधे-सीधे इल्जाम लगाना थोड़ा अटपटा लग सकता है। ठीक है कि ये लोग हाथ पकड़कर चोरी नहीं करवाते। बल्कि ये तो चोरी को रोकने के लिए
 
विवेक आसरी
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सल्लू मियां, तुम रह गए कुंआरे

सलमान खान में ऐसा क्या है कि लोग उनके इस कदर दीवाने हैं? सलमान खान में ऐसा क्या है कि यह दीवानगी भी उनकी फिल्मों को सुपरहिट नहीं बना पाती? सलमान खान में ऐसा क्या है कि इंडिया उनके बिना नहीं रह सकता? ऐसा क्या है कि उन्हें रफा-दफा करना हमारा सबसे पसंदीदा
 
संजय खाती
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कोहरे ने कराई मौज

कोहरे ने बहुत अच्छा कर रखा है बहुतों के लिए। कॉमनवेल्थ गेम्स की तैयारियों के पिछड़ जाने की खबरें पीछे चली गई हैं। कोहरे की खबरें ही आ रही हैं। सरकार के निकम्मेपन को कोसा जा रहा है कि रैन बसेरों का जुगाड़ ठीक ढंग से नहीं कर पा रही है सरकार। बिजली पानी के
 
आलोक पुराणिक
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कोहरे ने कराई मौज

कोहरे ने बहुत अच्छा कर रखा है बहुतों के लिए। कॉमनवेल्थ गेम्स की तैयारियों के पिछड़ जाने की खबरें पीछे चली गई हैं। कोहरे की खबरें ही आ रही हैं। सरकार के निकम्मेपन को कोसा जा रहा है कि रैन बसेरों का जुगाड़ ठीक ढंग से नहीं कर पा रही है सरकार। बिजली पानी के
 
आलोक पुराणिक
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अवतार को गालियां क्यों पड़ रही हैं?

कई साल पहले जेम्स कैमरन ने एक फिल्म बनाई थी, जिसमें दुनिया के सबसे मजबूत शिप के पहले सफर के दौरान एक जीनियस किस्म का लोफर एक हसीना का दिल जीतता है और आखिर में शिप के साथ समंदर में शहीद हो जाता है। 'टाइटैनिक' नाम की इस फिल्म के कई साल बाद कैमरन ने एक बार
 
संजय खाती