चिंता या चिंतन !
ज्ञानी जन कहते हैं कि सब प्रभु पर छोड़ दो, एक क्षण की भी चिंता न करो । तथा दूसरी और उन का कहना है कि भगवान उन की सहायता करतें हैं जो अपनी सहायता स्वयं करतें हों । तो अपनी सहायता करने के लिए समस्या के समाधान हेतु विचार तो करना ही पड़ेगा और विचार करते सम
Dec 29 2009 11:53 AM



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