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गंगावतरण (भाग-१)

--- मनोज कुमार सर्वत्र पावनी गंगा त्रिषु स्थानेषु दुर्लभा। गंगा द्वारे, प्रयागे च गंगासागर संगमे॥ गंगासागर की यात्रा की चर्चा के क्रम में हमने आपका सागर द्वीप से परिचय कराया था। हमारे लिये गंगा मात्र एक नदी ही नहीं, हमारे देश की आत्मा है। हमारे देश की
 
मनोज कुमार
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ग्रीष्म और पर्वताँचल की नदियाँ

ग्रीष्म और पर्वताँचल की नदियाँ-- मनोज कुमारगर्मी की ऋतु आते हीपर्वताँचल कीअधिकांश नदियाँछोड़ देती हैं,कल-कल, छल-छलचंचल निश्छल धाराओं कोगुफाओं में,ताप इतनाकि जल भी जल जाए।चारों ओर रेत ही रेतऔर काई पुते-पर्वतों की देहआकर्षण के नाम परसघन आबादी के थल
 
मनोज कुमार
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एक नन्हीं सी बेटी बड़ी हो गई

नमस्कार मित्रों! मैं मनोज कुमार एक बार फिर चिट्ठा चर्चा के साथ हाज़िर हूं। अदत से लाचार हूं। चर्चियाने से पहले बतियाने की आदत सी पड़ गई है। हमें लगता है हमें ऐसा समाज बनाना चाहिए जिसमें जाति, जातिसूचक शब्‍द, संकेत, प्रतीक भाव, आंतरिक संस्‍कार आदि का सर्वथा
 
मनोज कुमार
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समय परे ओछे बचन, सब के सहे रहीम

  नमस्कार मित्रों! एक बार फिर शनिवार की चिट्ठा चर्चा के साथ हाज़िर हूँ।   गर्मी बहुत बढ गई है। ऐसे गर्म माहौल में पहले तो सोचा कि आज छोड़ ही दूँ चर्चियाना। पर फिर याद आया कि एक दायित्व लिया है तो उसे निभाना चाहिए। तो अभी शाम के आठ बजे बैठा हूँ …
 
मनोज कुमार
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वायु जु ऐसी बह गई, बीचन परे पहार

नमस्कार मित्रों! पिछ्ले हफ़्ते की ब्रेक के बाद फिर से हाज़िर हूँ चर्चा के साथ। वैदिक संस्कृति का पुराण साहित्य पर आख्यान हो रहा है बाबा गुरुघंटाल आश्रम में कृष्णा द्वारा। १८ पुराणों के बारे में संक्षिप्त जानकारी दी गई है। एक संग्रहणीय पोस्ट। वैदिक वाङ्मय
 
मनोज कुमार
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एक बात पूछँ - (उत्तर दोगे?)

नमस्कार मित्रों! मैं मनोज कुमार एक बार फिर चिट्ठा चर्चा के साथ हाज़िर हूँ। ले दे के सैकड़ा पार हुआ, सुनि लीजै इसकी कहानी कहीं प्रशंसा कहीं आलोचना कभी मचती है खींचा तानी कह रहे हैं सूर्यकांत गुप्ता “मेरे सभी ब्लॉगर मित्रों को जिन्होंने मेरे ब्लॉग को झाँका
 
मनोज कुमार
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टूटे सुजन मनाइए जो टूटे सौ बार ।

टूटे सुजन मनाइए जो टूटे सौ बार । नमस्कार मित्रों! मैं मनोज कुमार एक बार फिर चिट्ठा चर्चा के साथ हाज़िर हूँ। पिछ्ला सप्ताह महिला आरक्षण विधेयक को लेकर चर्चा में रहा। तो चर्चा शुरु करते हैं संतोष त्रिवेदी महिला आरक्षण –क्रांतिकारी क़दम! आलेख के द्वारा बता
 
मनोज कुमार
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होली है भाई होली है!!!

नमस्कार मित्रों! मैं मनोज कुमार एक बार फिर चिट्ठा चर्चा के साथ हाज़िर हूँ। २० फ़रवरी की चर्चा में संगीता पुरी जी ने सलाह दी थी आप चूंकि साप्‍ताहिक चर्चा करते हैं .. सप्‍ताह भर के महत्‍वपूर्ण पोस्‍ट एक जगह इकट्ठा कर दें .. तो पाठकों को बहुत सुविधा होगी !!
 
मनोज कुमार
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किसी दूसरेके अंदर के जानवर को उकसा कर न जगाएं

नमस्कार मित्रों! मैं मनोज कुमार एक बार फिर शनिवार की चिट्ठा चर्चा के साथ हाज़िर हूँ। इसमें शुक्रवार की सुबह छह बजे से रात १२ बजे तक के प्रकाशित हुए कुछ चिट्ठों की चर्चा की गई है। फागुन का रंग उमंग पर है। तो आज की चर्चा इसी से शुरु करते हैं। भर फागुन ...
 
मनोज कुमार
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बेटी से बहू तक की सारी सीढियाँ मैं तो तय कर गयी पर वो लड़की ?

बेटी से बहू तक की सारी सीढियाँ मैं तो तय कर गयी पर वो लड़की ? नमस्कार मित्रों! मैं मनोज कुमार एक बार फिर शनिवार की चिट्ठा चर्चा के साथ हाज़िर हूँ। इसमें शुक्रवार की सुबह छह बजे से रात १२ बजे तक के प्रकाशित हुए कुछ चिट्ठों की चर्चा की गई है। कल महा
 
मनोज कुमार
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फुरसतिया…… फुरसत में ….

-- मनोज कुमारकानपुर के निर्माणी के हमारे एक सहकर्मी कुछ दिनों पूर्व कोलकाता पधारे। वे आए तो थे विभागीय प्रशिक्षण के सिलसिले में पर उन्होंने यहां आने की सूचना मेरे ब्लॉग पर एक टिप्पणी के माध्यम से की थी। उस आलेख में मैंने लिंक न लगा पाने की अपनी अज्ञानता
 
करण समस्तीपुरी
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लोक आस्था का महापर्व छठ

मनोज कुमार बिहार और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में महापर्व के नाम से प्रसिद्ध “छठ पर्व” श्रद्धा, विश्वास एवं आस्था के साथ मनाया जाता है। श्रद्धालुओं का मानना है कि छठ से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। वैसे तो कहावत है कि लोग उगते सूर्य की पूजा कर
 
MANOJ KUMAR
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या देवी सर्वभूतेषु … … मनोज कुमार

या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता ! नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:!! हे देवी तुम शक्ति रूप हो। जो देवी सब प्राणियों में शक्तिरूप से स्थित हैं, उनको नमस्कार, उनको नमस्कार, उनको बारंबार नमस्कार है। हम सभी जानते हैं कि कहीं न कहीं कोई शक्ति
 
MANOJ KUMAR