मधुबाला - ३ : मधुप
मधुबाला मूळ हिंदी कवी : हरिवंशराय ’बच्चन’भावानुवाद : मिलिंद मधुबाला - ३ मधुशाला - १मधुशाला - २मधुपमूळ हिंदी कविताभावानुवाद १.मधु-प्यास बुझाने आए हम,मधु-प्यास बुझाने हम आए !पग-पायल की झनकार हुई,पीने को एक पुकार हुई,बस हम दीवानों की टोलीचल देने को
May 01 2010 01:50 PM



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