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तेरी चमकती आँखों के आगे ये सितारे कुछ भी नहीं

* Movie: Chhote Babu* Singer(s): Lata Mangeshkar, Talat Mehmood* Music Director: Madan Mohan* Lyricist: Indeevar* Actors/Actresses: Helen, Nimmi, Agha, Shekhar* Year/Decade: 1957, 1950sलता: आ ऽतलत: तेरी चमकती आँखों के आगे ये सितारे कुछ भी नहींलता: तू जो
 
निशांत मिश्र - Nishant Mishra
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हम प्यार में जलनेवालों को चैन कहाँ, हाय, आराम कहाँ

* Movie: Jailor* Singer(s): Lata Mangeshkar* Music Director: Madan Mohan* Lyricist: Rajinder Krishan* Actors/Actresses: Geeta Bali, Sorabh Modi* Year/Decade: 1958, 1950sहम प्यार में जलनेवालों कोचैन कहाँ, हाय, आराम कहाँहम प्यार में जलनेवालों को ...बहलाये
 
निशांत मिश्र - Nishant Mishra
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आप की नज़रों ने समझा

फिल्म=अनपढ़ मूल गायिका=लता संगीत=मदनमोहन गीत=राजा मेंहदी अली खान आप की नज़रों ने समझा, प्यार के काबिल मुझे दिल की ऐ धड़कन ठहर जा, मिल गई मंज़िल मुझे आप की नज़रों ने समझा १-जी हमें मंज़ूर है, आपका ये फ़ैसला कह रही है हर नज़र, बंदा-परवर शुकरिया दो जहाँ की आज
 
अल्पना वर्मा
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बिछोह की पीडा़ का टोटल रिकॊल - मदन मोहन का संगीत

अभी रविवार को दोपहर को टाईम्स नाऊ चेनल पर टोटल रिकॊल में संगीत सम्राट मदन मोहन पर यादों के झरोकों से उनके जीवन के अंतरंग क्षणों से और सुर संयोजन के अनेक पहलुओं से हमारा तार्रुफ़ करवाया गया, तो मेरे मन की खिडकियों से दिल का पंछी सुरमयी गगन में उड चला औ
 
दिलीप कवठेकर
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तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है

तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है ये उठें सुबह चले, ये झुकें शाम ढले मेरा जीना मेरा मरना इन्हीं पलकों के तले तेरी आँखों के सिवा ... (रफ़ी) पलकों की गलियों में चेहरे बहारों के हँसते हुए हैं मेरे ख़ाबों के क्या-क्या नगर इनमें बसते हुए ये उठें स
 
निशांत मिश्र - Nishant Mishra
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दिल ढूंढता है फ़िर वही फुर्सत के रात दिन

फ़िल्म - मौसम गायक - भूपिंदर और लता मंगेशकर गीतकार - गुलज़ार संगीतकार - मदन मोहन दिल ढूँढता है फिर वही फ़ुरसत के रात दिन - (२) बैठे रहे तसव्वुर-ए-जानाँ किये हुए दिल ढूँढता है फिर वही फ़ुरसत के रात दिन... जाड़ों की नर्म धूप और आँगन में लेट कर - (२) आँखों
 
निशांत मिश्र - Nishant Mishra
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मदन मोहन-ग़ज़लें

कल दिलीप जी ने मदन मोहन की याद में 2 बहुत ख़ूबसूरत गीत सुनवाये । मदन जी का संगीत मेरे लिए यूँ भी हमेशा जानलेवा साबित होता है :) दिनों तक पूरे पूरे सी डी सुनने के बाद ही चैन आता है फिर आज कल तो बारिशें भी हैं ज़ोरदार :)…आज की तीनो ग़ज़लें एक ही मूड की हैं
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सुरों के शहेंशाह मदन मोहन- पुण्यतिथी…

सुरों के शहेंशाह मदन मोहन की आज ३४ वी पुण्यतिथी है. अपने सुरीले और मन मोहने वाली धुनों के खज़ाने लिये यह शहेंशाह हमसे मात्र अपने ५१ वे वर्ष में रुखसत हो गया. मगर कई संगीतकारों की तुलना में कम फ़िल्मों को संगीत देने वाले इस स्वर महर्षि नें फ़िल्मी गीतों
 
दिलीप कवठेकर