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यह मठ और गढ़ अब नहीं टूटेंगे
यह मठ और गढ़ अब नहीं टूटेंगेइसलिए नहीं किऔर मजबूत हो गयी हैं दीवारेंया कि और गहरी हो गयी है इनकी नींवबल्कि इसलिए,मात्र इसलिए किबेसुरे बांसों क़ी चरमराहट हकला उठी
May 02 2010 03:20 PM



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