मंदिरों और मुर्तियों को तोड़ना धार्मिक काम मानतें हैं मुस्लमान
मजहब नही सिखाता आपस में बैर करना जिस किसी ने कहा है वह सरासर झूठ कहा हैं अगर इस्लाम कि शिक्षा को देखों तो हमें पता चलता है कि किस तरह से मजहब हमें सिखाता है आपस में बैर करना। विस्तार से जानने के लिये निचे का खबर पढे़।हिन्दवी से लिया गया
Mar 20 2010 10:02 AM



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