पसंद करें
2
नापसंद करें

रलदू चौधरी की बकरियां

रलदू चौधरी पशु व्यापारी था। एक बार कोई ग्राहक उसके पास बकरी खरीदने आया। रलदू ने उसको तीन बकरियां दिखाई और उनकी खासियतें बताने लगा।रलदू - भाई साहब, ये पहली बकरी हर रोज दो किलो दूध देती है और साल में एक बार बच्चा देती है। ये दूसरी वाली हर रोज चार किलो दूध
 
अन्तर सोहिल
टैग: मखौल
पसंद करें
1
नापसंद करें

दारू पी कै जनानी छेड दी

एक बार जंगल के राजा शेरसिंह नै जंगल म्है एक दावत का इंतजाम करा। सारे जंगल के जानवरां तै न्यौता दिया। दावत आले दिन सारे जानवर शेरसिंह के घर में बढिया-बढिया पकवान, मिठाईयां और दारू के मजे लेने पहुंच गये। (हां शेरसिंह नै दारू का भी पूरा इंतजाम कर राक्खा
 
अन्तर सोहिल
टैग: मखौल
पसंद करें
1
नापसंद करें

रलदू चौधरी और Ftv

एक दिन रलदू चौधरी घर महै बैठा फैशन टी वी (FTV) देखै था। अचानक उसका तेरह साल का बेटा फत्तू उसके कमरे महै आग्या। फत्तू नै देखते ही रलदू सकपका गया अर एकदम तै डिप्लोमैटिकली बात बना कै बोल्या - "गरीब छोरी सैं, कपडे लेन के पिस्से भी कोनी इन धोरै" फत्तू बोल
 
अन्तर सोहिल
टैग: मखौल
पसंद करें
0
नापसंद करें

छैऊ का न्यौता

आज आपको सुनाता हूं एक पुराना हरियाणवी मजेदार चुटकुला एक गांव में नत्थुलाल नाम का आदमी था। उसके सात बच्चे (छह बेटे और एक बेटी) थे, और सब के सब बडे पेटू थे। उनकी लडकी का नाम था शर्मिली । जिसे सब भाई प्यार से सरम कह कर बुलाया करते थे और सबसे छोटे लडके क
 
अन्तर सोहिल
टैग: मखौल