मन्दी की मार झेलते मध्य और पूर्वी यूरोप के मजदूर
आज के पूर्वी यूरोप के देशों की औद्योगिक-वैज्ञानिक प्रगति जिस हद तक भी है वह मुख्यत: समाजवादी अतीत की देन है, जबकि इसके जो भी संकट हैं वे पूँजीवादी ढाँचे की देन हैं, यह इतिहास की सच्चाई है।स्तालिन की मृत्यु के बाद ही रूस और पूर्वी यूरोप में पूँजीवाद की
Jun 03 2010 01:16 PM



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