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कांग्रेस के दिल्ली वाले तीन कांग्रेसी सांसद वेबसाईट से गायब!

देश की सबसे बड़ी राजनैतिक पार्टी ''कांग्रेस'' क्या अभी भी सिख विरोधी दंगों के आरोपीयों को अपनी पार्टी का लोकसभा सदस्यं मानती है? या यह महज एक लापरवाही है। पिछले वर्ष एक समाचार पत्र के पत्रकार द्वारा गृहमंत्री पर जूता फेंका गया। उसके बाद सिखों का जबदस्त
 
कन्हैया
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दो यादवों का किस्सा- राम किशन और लालू यादव्

दो यादवों का किस्सा- रामकिशन यादव और लालू यादव वीरेन्द्र जैन जब तक बाबा रामदेव ने भ्रष्टाचार के खिलाफ डंका नहीं बोला था और एक अलग पार्टी बनाने की घोषणा नहीं की थी तब तक श्री लालू प्रसाद यादवजी और योगगुरू बाबा रामदेव, दो जिस्म एक जान थे, किंतु अब वे एक
 
वीरेन्द्र जैन
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चाहिए अंदर की खबर तो पढें सत्ताचक्र

आज ही, अभी कुछ देर पहले एक मित्र ने सत्ताचक्र नामक एक ब्लाग के बारे में बताया। मैंने इस ब्लाग का नाम पहली बार ही सुना। लेकिन जब ब्लाग देखा तो दंग रह गया। अकादमिक जगत किन वजहों से रसातल में है यह जानने के लिए यह ब्लाग जरूर पढ़ें। मैं तो भ्रष्टाचार से
 
रंगनाथ सिंह
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हजार-पांच सौ के नोट बंद करने से भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा

एक दवाई दुकानदार का कहना है कि अगर हजार और पांच सौ के साथ साथ सौ रुपए के नोट भी बदं कर दिए जाने तो अपने देश में भ्रष्टाचार पर कुछ हद तक अंकुश लग सकता है। भ्रष्टाचार के साथ दो नंबर की काली कमाई में ही बड़े नोटों का उपयोग किया जाता है। इसमें कोई दो मत नहीं
 
राजकुमार ग्वालानी
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भ्रष्टाचार का बोलबाला

भ्रष्टाचार का चारों ओर बोल-बाला है और-तो-और लगभग सभी लोग इसमे ओत-प्रोत होकर डूब-डूब कर मजे ले रहे हैं, आलम तो ये है कि इस तरह होड मची हुई है कि कहीं भी कोई छोटा-मोटा भ्रष्टाचार का अवसर दिखाई देता है तो लोग उसे हडपने-गुटकने के लिये टूट पडते हैं, सच तो ये
 
श्याम कोरी 'उदय'
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दरिंदा साथी : एक पारिवारिक घटना

इतने वर्षों के बाद , मन के जद्दोजहद और जिम्मेदारियों के बीच यह कभी मन में आया ही नहीं था कि विश्वास इस हद तक टूट सकता है। कोई अपना ही जान का प्यासा हो सकता है। लेकिन अभी भी जब आंखे खुलती है तो अपने उस पुराने साथी की याद आती ; जिसने मुझे दुनिया दिखाई।
 
समुत्कर्ष
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rp-humdard

आज देश में भ्रष्टाचार को लेकर काफी कुछ चर्चाएँ होती है। भ्रष्टाचार कई तरह का होता है, लेकिन धन का भ्रष्टाचार आज उसका अभिप्राय बन चुका है। उसके रोज पैदा हो रहे नए तौर-तरीकों, स्वरुप, विस्तार और उसको घेरने के लिए मामूली तौर पर बहस इसलिए चलती है कि उसके
 
humdard
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कन्यादान पर डाका !

चूरू। समाज कल्याण विभाग में सहयोग योजना के 'पेड' पर भ्रष्टाचार की 'बेल' पनप रही है। बिचौलिए गरीब की बेटी का कन्यादान लूट रहे हैं और शासन-प्रशासन आंखों पर पट्टी बांधे बैठा है। हैरत की बात है कि कन्यादान पर डाका डालने के इस षड्यंत्र में विभागीय कर्मचार
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हम जिताएंगे, वे कमाएंगे... हम उन्हें फिर जिताएंगे

झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा करोड़ों रुपये डकार गए। पुडुचेरी में चीफ मिनिस्टर वी वैठिलिंगम और  उनके 5 मिनिस्टर 36 लाख रुपये के स्नैक्स खा गए। कर्नाटक के मुख्यमंत्री येदयुरप्पा ने अपने फ्लैट में काम कराने के लिए सरकारी खजाने से 1 करोड़ स
 
राकेश परमार
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हम चुनेंगे, वे खाएंगे... हम उन्हें फिर चुनेंगे

झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा करोड़ों रुपये डकार गए। पुडुचेरी में चीफ मिनिस्टर वी वैठिलिंगम और उनके 5 मिनिस्टर 36 लाख रुपये के स्नैक्स खा गए। कर्नाटक के मुख्यमंत्री येदयुरप्पा ने अपने फ्लैट में काम कराने के लिए सरकारी खजाने से 1 करोड़ से ज्या
 
राकेश परमार
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कोड़ा न पहले हैं और न आखिरी

कोड़ा न पहले हैं और न आखिरी मध़ु कोड़ा के लगभग सौ ठिकानों पर आयकर विभाग के छापों के बाद राजनीतिज्ञों का भ्रष्टाचार एक बार फिर गर्म बहस का मुद्दा बन गया है। लेकिन जहां तक राजनीति में भ्रष्टाचार का सवाल है, कोड़ा न पहले हैं और न आखिरी। ऐसा भी नहीं है कि ज
 
अमलेन्दु उपाध्याय
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मधु कोड़ा : 'भ्रष्ट राजनीति' का एक और 'भ्रष्ट चेहरा'

झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा ने न केवल भारतीय राजनीति बल्कि समाज को भी यह सोचने व मानने पर मजबूर कर दिया है कि हां, नेता भ्रष्ट ही होते हैं। दिनप्रतिदिन हमारे बीच यह धारणा मजबूत-सी होती जा रही है कि अगर सामने वाला नेता या मंत्री है, तो भ्रष्
 
अंशुमाली रस्तोगी
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बापू के नाम पर करो भ्रष्टाचार

अपने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की आत्मा जरूर अब खून के आंसू रोते हुए यह सोच रही होगी कि क्यों कर उन्होंने भारत जैसी धरती पर जन्म लिया था। उनको क्या मालूम था कि जिस धरती को आजाद कराने के लिए उन्होंने इतनी मेहनत की, उसी धरती के वासी उनके नाम से भी भ्रष
 
राजकुमार ग्वालानी
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प्रधानमंत्री को इंतजार है चीनी हमले का । (व्यंग्य/कार्टून)

हमारे आदरणीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जी ने कांग्रेसी गुप्त सूत्रों से इस तथ्य का पता लगाया है कि पड़ोसी चीन द्वारा बार-बार भारतीय सीमा के अतिक्रमण की खबरें मीडिया द्वारा जबरन फैलायी जा रही हैं । इसमें वास्तविकता लेश मात्र भी नहीं है और देशवासियों को
 
K M Mishra
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किफायत-शारी के सदके ।(व्यंग्य)

लेखक – नरेश मिश्र गांधी जी सरदार पटेल और महादेव भाई देसाई के साथ यरवदा जेल में बंदी थे । सरदार बापू के मुंहलगे थे । इसलिये उनसे मजाक करने का कोई मौका हाथ से नहीं जाने देते थे । बात गांधी जी की बकरी पर चल पड़ी । बापू ने गाय का दूध पीना [...]
 
K M Mishra
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अल्पजन हिताय अल्पजन सुखाय

भारतीय संस्कृति के अनुसार ``बहुजन हिताय बहुजन सुखाय´´ अर्थात अधिक से अधिक लोगों का हित हो और अधिक से अधिक लोग सुखी हों, ``वसुधैव कुटुंबकम´´ अर्थात सारा विश्व एक कुटुंब है अत: सर्वे भवंतु सुखिन:´, `सर्वे संतु निरामय:´ अर्थात विश्व के सब लोग सुखी और
 
कन्हैया
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सरकारी हस्पताल का सुख (व्यंग्य/कार्टून)

सिस्टर तीन दिन से तुम रोज टेम्परेचर और बीपी नाप रही हो । दवा के नाम पर ग्लूकोज की बोतल और बीकासूल की गोलियां दे रही हो । दूसरी जरूरी दवाएं कब खाने को मिलेंगी । => <=मंहगी और जीवनरक्षक दवाएं सरकारी हस्पतालों के टुच्चड़ मरीजों के लिये नहीं होती हैं
 
K M Mishra
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भ्रष्टाचार तले-तले, देश आगे बढ़े-बढ़े

संसार में भ्रष्टाचार एक सामाजिक लाइलाज बीमारी के रूप में फैलता ही जा रहा है, हर आदमी भ्रष्टाचार की बुराई से परेशान है और इसे खत्म करने की जरूरत समझता है। लेकिन फिर भी आदमी अपने स्वार्थ, लोभ या मज़बूरी में भ्रष्टाचार को फलने फूलने में मददगार बना हुआ ह
 
सुभाष चन्द्र