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शाहनवाज़ भाई! :::भ्रष्टाचार आज हमारी नस नस में इस तरह बस चुका है जैसे हमारे शरीर में ख़ून... और जब ख़ून ही हराम की खाने लगे तो 'आने वाली नस्ल तो

आज सुबह-सुबह शाहनवाज़ भाई की पोस्ट भ्रष्टाचार की जड़ पढ़ी, जिस पर मैं टिपण्णी करे बग़ैर न रह सका::: शाह नवाज़ एक ऐसे ब्लॉगर हैं जिन्होंने बहुत ही कम समय में ब्लॉग-जगत में अपनी अद्भुत और सशक्त  लेखन शैली और ज्वलंत मुद्दों पर अपनी क़लम