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क्या लोगों ने ‘उसे’ ठीक पीटा?

उस समय मेरे मुंह से सिर्फ ये ही शब्द निकले....ओह माई गॉड। उसे बुरी तरह से पीट रहे थे लोग। हर आता-जाता दो-चार तो कम से कम लगा ही देता, जहां दिल चाहता वहां मारता। कोई-कोई तो मन भरकर मारता और कुछ तो तब तक मारते जब तक कि खुद के हाथ-पैर दुखने ना लग जाएं। सुना
 
Nitish Raj
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कृपालु ये क्या कह दिया

कुण्डा के आश्रम में मची भगदड़ में दसियों ग़रीबों के मरने की ख़बर पर कृपालु महाराज ने यूं पल्ला झाड़ लिया मानो मरने वाले अफ़गानी तालिबान रहे हों.क्या फ़ायदा इतनी बड़ी प्रकांड पंडिताइ का कि आदमी ही आदमी न लगे बल्कि ग़ैरजि़म्मेदार ख़ैरात बटोरने वाली
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कुछ पल महानायक के साथ

ये मेरे लिए एक सुखद क्षण है और दिली इच्छा है कि आप भी मेरी खुशी में शामिल हों। हर दिन की तरह 28 जनवरी की सुबह मेरे लिए आम सुबह थी, लेकिन दोपहर बाद का समय मेरे लिए खास बन गया। दोपहर की शिफ्ट में ऑफिस पहुंचा तो पता चला कि सदी के महानायक अमिताभ बच्चन आईबीएन
 
मीडिया आईलैंड
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मेट्रो मैन, अब तो कुछ करिए

बहुत शोर सुनते थे पहलू में दिल का'। सचमुच मेट्रो दिल्ली का दिल ही तो है लेकिन दिल की धड़कन अचानक थमने क्यों लगी है? यह तो परफेक्ट दिल था। अब इसे क्या हो रहा है। मेट्रो दिल्ली का आइकन बन गई है। इसीलिए दिल्ली आकर लोग लाल किला या कुतुब मीनार की बजाय मेट
 
दिलबर गोठी
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मेट्रो मैन, अब तो कुछ करिए

बहुत शोर सुनते थे पहलू में दिल का'। सचमुच मेट्रो दिल्ली का दिल ही तो है लेकिन दिल की धड़कन अचानक थमने क्यों लगी है? यह तो परफेक्ट दिल था। अब इसे क्या हो रहा है। मेट्रो दिल्ली का आइकन बन गई है। इसीलिए दिल्ली आकर लोग लाल किला या कुतुब मीनार की बजाय मेट
 
दिलबर गोठी