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साँईं बाबा का प्रसाद और ज्ञानजी की सेहत…

  आज वृहस्पतिवार है। शिर्डी वाले साँई बाबा के भक्तों का खास दिन। इस दिन व्रत-उपवास रखकर श्रद्धालु जन साँईं मन्दिरों में दर्शन के लिए उमड़ पड़ते हैं। इलाहाबाद का मुख्य मन्दिर भी इस दिन विशेष आकर्षण का केन्द्र हो जाता है। श्रद्धा और सबूरी के बीज
 
सिद्धार्थ शंकर त्रिपाठी
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वर्धा परिसर का परिक्रमण और चाय पर चर्चा…

  कुलपति जी के आवास से रात का भोजन लेने के बाद राजकिशोर जी, अब्दुल बिस्मिल्लाह, प्रो.सचिन तिवारी, प्रो. सुवास कुमार के साथ हम गेस्ट हाउस लौट आये। वहाँ खुले आसमान के नीचे चबूतरे पर कुर्सियाँ डाल रखी गयीं थी। दो बुजुर्गवार लोग तो सोने के लिए अपने कमरे
 
सिद्धार्थ शंकर त्रिपाठी
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भारतीय रेल और महफूज़ मियाँ ...

अजी भारतीय रेल की महिमा भारी है अब बैक गेयर में जाने की तैयारी है लालू की नीति इसे आगे ले जा रही थी अब ममता दीदी इसको पीछे पहुँचा रही हैकल महफूज़ मियाँ गोरखपुर जा रहे थेलखनऊ रेलवे स्टेशन पर बैठे पछता रहे थे छे बजे आने का वादा था, अभी तक नहीं आ रही
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त्रिवेणी महोत्सव में प्रयाग की धरती पर उतरे सितारे…।

  उन्नीस फरवरी से पच्चीस फरवरी तक लगातार सात दिनों तक इलाहाबाद में गीत, संगीत, नृत्य, कविता और शायरी की स्वर लहरियाँ यमुना नदी के तट पर बने शानदार मंच से बिखरती रहीं और रोज शाम को शहर का सारा ट्रैफिक बोट-क्लब मुक्तांगन की ओर मुड़ जाता रहा। सेवेन
 
सिद्धार्थ शंकर त्रिपाठी