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अब आप ही बताएं ... मैं चीन की निंदा करूं या धन्‍यवाद दूं!

भारतीय कृ‍षि के बारे में कहा जाता है कि वह मानसून के साथ जुआ है। यह दुर्भाग्‍य है कि आजादी के छह दशकों बाद भी इसकी इस दु:स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। सच तो यह है कि आजाद भारत के भाग्‍य विधाताओं ने भारतीय किसानों को मानसून के साथ जुआ खेलने की स्थिति