भारतीय जनता पार्टी और झारखण्ड मुक्ति मोर्चा के बीच आखिरकार समझौता हो गया। राजनीति की बदनीति आखिरकार फिर सामने आ गई कि हम राजनीति नहीं बल्कि राज के लिए नीतियों का कचूमर निकाल रहे हैं। भाजपा शायद मायावती के साथ हुए उस समझौते को भूल गई है जिसमें मायावती ने
(मेरी इस स्टोरी को मेरे संपादक ने भाजपा के खिलाफ बता कर रोक दिया. चलिए कोई नहीं. अपना ब्लॉग तो है ही. अभी मैं भाजपा के पक्ष में स्टोरी लिख रहा हूं तब तक आप मेरी इस स्टोरी को पढिए जिसे संपादक महोदय ने रोक दिया.)भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की
सभापति, पार्षदों को नगर पालिक निगम एक्ट पढऩे के लिए किरणमयी नायक ने मजबूर कर दिया। सबको समझ में आ गया कि एक वकील जब महापौर की कुर्सी पर बैठता है तो उसका क्या अर्थ होता है? कल ही जिस तरह से सामान्य सभा का संचालन हो रहा था तो सवा चार बजे तक तो यही लग रहा
भाजपा में नई पीढ़ी को कमान देने के प्रयास में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने अपनी जादू की डिबिया से जिस अल्पज्ञात राजनेता को लोगों के सामने पेश किया है वे नितिन गडकरी आज देश की नंबर दो पार्टी यानी भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के सिंहासन पर आरूढ़
मेरे प्यारे भाइयों, बहनों और प्रतिनिधि बंधुओंभारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय परिषद की इस बैठक में आपके समक्ष मैं अत्यंत हर्ष, विनम्रता एवं गर्व का अनुभव कर रहा हूं। व्यक्ति के जीवन में ऐसे अवसर भी आते हैं जब वह अपनी भावनाओं को शब्दों में व्यक्त नहीं कर
भारतीय जनता पार्टी जय श्री राम ............ | मित्रो,अपने वादे के मुताबिक हम हाज़िर हैं भारतीय राजनीति से सम्बंधित भविष्यकथन का यह भाग-2 ले कर | आज सब से पहले बात करते हैं देश के प्रमुख प्रतिपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी की | भाजपा का नामांक
संघ एक तरफ जहां आडवाणी की विदाई सुनिश्चित करने में लगा है, वहीं लौह पुरुष किसी भी हालत में हाथ खडे करने को तैयार नहीं। लिहाजा, दोनों के बीच रिश्तों में खटास बढती जा रही है। आने वाले दिनों में प्रभुत्व की यह जंग आर-पार की लडाई के रूप में भी सामने आ सक
.सबसे पहले एक शाकाहारी स्पष्टीकरण. फिलहाल मैं भाजपा का कोई प्रवक्ता नहीं हूं .अपने ब्लोग को दलगत राजनीति से दूर रखने की भरसक कोशिश की है. हालांकि कभी कभार छुट्पुट टिप्पणियां ज़रूर की होंगी. यह स्पष्टीकरण इसलिये आवश्यक है कि इस पोस्ट को सही परिप्रेक्ष्य
वक्त गुजारने का भी अपना एक अंदाज होता है। कोई गीत गाकर, कोई टहल कर, कोई सिगरेट पीकर, कोई नींद लेकर, कोई किताब पढ़कर, कोई हंसी मजाक करके और कोई कोई तो झगड़ा करके वक्त गुजारता है। यहां दिए सभी उदाहरणों से आप सहमत होंगे लेकिन एक 'झगड़े' वाले से नहीं। अगर
राजेन्द्र जोशी
देहरादून । भाजपा की प्रदेश सरकार की जनविरोधी नीतियों के चलते लोकसभा में जनता ने ही भाजपा को साफतौर पर नकार दिया है। खण्डूड़ी सरकार को आखिरकार जनता ने शून्य नंबर देकर प्रदेश सरकार की पूर्ण विफलता पर मोहर लगा दी है। वहीं पिछले बीस साल से
अभी अभी एक पोस्ट प्रकाशित यह दावा करते हुए प्रकाशित हुआ है कि भाजपा युवाओं का ख्याल रखने वाली पार्टी है.
मैं स्वयं भाजपा का वोटर और समर्थक हूँ, पर इसे नहीं मानता मैं. नेतृत्व के नाम पर मैं कहीं ज्यादा आधुनिक विचार वाला युवा और सामायिक रूप से युवा वर्
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विचारों को हर क्षण जीवन से जोड़कर देखने वाले नागपुर के एक परिवार ने सवाल पूछा-बीजेपी कितनी बदल गयी है। कोई जवाब देने से पहले मेरे मुंह से निकल पड़ा-आरएसएस भी तो कितनी बदल गयी है। मुझे पता नहीं था कि मेरा सवाल ही इस परिवार क