27 जनवरी के पश्चात मौसम में हल्का सा सुधार किन्तु प्रबल शीतलहर से पूर्ण मुक्ति 6 फरवरी के बाद ही.........
संसार में कोई भी व्यक्ति,पदार्थ, जीव इत्यादि आकाशमंडल में भ्रमण कर रहे ग्रहों से अछूता नहीं हैं। सभी कही न कहीं किसी न किसी रूप में इन भ्रमणशील ग्रहों की क्रिया प्रतिक्रिया का परिणाम भी भोग रहे हैं। बल्कि यूँ कहे कि समय के पथ पर निरन्तर गतिमान इन पिंडों
Jan 23 2010 10:23 PM



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