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तू अपना इतिहास कहेगा ?

भवानी भाई की एक कविता तू अपना इतिहास कहेगा ? उदय-अस्त में सुख की दुःख की कभी कमल ने बात नहीं की कभी पतिंगे ने रो-रोकर पूरी अपनी रात नहीं की कभी सूर्य के आ जाने पर तारों ने क्या आंसू ढाले वज्राहत होकर क्या बादल ने सुख की बरसात नहीं की फिर ऐसा क्यों हु