अपने दीवाने को तू चूम सके
उसने अपनी बेटी के लिए एक कविता लिखी थी। उसने कामना की थी कि उसकी बेटी हरसिंगार सी खिले और हर ओर छा जाए। बेले सी उसकी खुशबू संसार की वादियों में बिखर जाए। वह पहाड़ी बर्फ सी निर्मल हो। उसकी चमक के आगे शर्मसार हों सितारे। वह अलकनंदा सी बहे और राह की हर
Feb 17 2010 05:32 PM



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