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इस अपराध बोध से मुक्ति कैसे मिले

 दरअसल मैं कुछ गलत नहीं कर रहा हूं लेकिन, फिर भी मुझे अपराध बोध हो रहा है। पानी पीते वक्त ले में अंटक जाता है। लगता है कि जितना पानी मैं पी रहा हूं उससे कई गुना ज्यादा पानी बर्बाद करने का दोषी भी मैं बन रहा हूं।मुंबई से जब दिल्ली आया था तो, महीने-
 
हर्षवर्धन