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...मत बनाना मेरा बुत, मेरी मौत के बाद....

मैं हमेशा चलना चाहता हूँ,  बोलते रहना चाहता हूँ,  सुनते रहना चाहता हूँ, मत बनाना मेरा बुत, मेरी मौत के बाद, क्यूंकि मैं नहीं चाहता बहरा ,  गूंगा और निश्चल होना......... महफूज़ अली
 
महफूज़ अली
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