हर धडकन वतन के लिए
चाह नहीं मैं सुरबाला के गहनों में गूँथा जाऊँचाह नहीं प्रेमी माला में बिंध प्यारी को ललचाऊँचाह नहीं सम्राटों के शव पर हे हरि डाला जाऊँचाह नहीं देवों के सिर चढूँ भाग्य पर इठलाऊँमुझे तोड़ लेना बनमाली,उस पथ पर तुम देना फेंकमातृभूमि पर शीश चढ़ाने जिस पथ जाएँ
Jan 26 2010 09:33 PM



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