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आज बरसी –शहनाई ख़ाँ साहब की

अभी सच्चा सुर लगा ही कहॉं है ? उसी की तलाश में तो हम इतने बरस बजाते रहे। जब सच्चा सुर लगा गया तो समझिए हम पहुँच गए विश्वनाथ की शरण में।' ताज़िंदगी सुरों में रमने वाले भारतरत्न उस्ताद बिस्मिल्लाह ख़ॉं ने ये बात अभी कुछ दिन पहले बनारस में एक साक्षात्कार
 
संजय पटेल...