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बिजली क्या है, जादू है बस
बिजली क्या है, जादू है बस .घुप्प अँधेरे में जब आँखेंबिलकुल बेबस हो जाती हैंसारी चीज़ें काली चादरके अन्दर जब खो जाती हैंबल्ब जले तो मिट जाता हैआँखों का सारा असमंजस .पंखा फ्रिज टीवी या मिक्सीकूलर एसी या कम्प्यूटरचलते हैं बिजली के बूतेआज दिखाई देते घर-घर
Apr 10 2010 09:32 PM



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