आए जब दो पाखी उड़कर : रावेंद्रकुमार रवि का नया बालगीत
आए जब दो पाखी उड़करमेरे घर में बना एक घर,आए जब दो पाखी उड़कर!मादा ने दो अंडे देकर,गरम किया फिर उनको सेकर!कुछ दिन बाद निकलकर आए,उसके दो बच्चे मन भाए!चोंच खोलकर चुग्गा खाते,पर उनके ना निकले थे पर!मेरे घर में ... ... .माँ आती जब चुग्गा लेकर,हल्ला करते
Jun 16 2010 12:10 AM



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