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कविता: संसार अनोखा

संसार अनोखाआसमान में है जो तारे,टिम - टिम कर टिमटिमाते सारे।टिमटिमाते है जो तारे,देखने में लगते है कितने प्यारे।आसमान में एक सूरज अपना,जिसके बारे में हम देखे सपना।ये धरती सहती है कितना भार,जिस पर है पूरा संसार।पृथ्वी पर ही है बस हरियाली,सूरज में ही है बस
 
BAL SAJAG
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कविता: कैसे अपना संसार बना

कैसे अपना संसार बनाकई मोहल्लो से मिलकर बनता गाँव,वंहा पर मिलती सबको पेड़ो की छाँव।गाँव मिलाकर बनती ग्राम पंचायत,गर्मी में जब पानी पीते तब मिलती राहत।ग्राम पंचायत मिलकर ब्लाक है बनता,अब कोई किसी की नहीं है सुनता।ब्लाक मिलाकर बनती तहसील ,दुनिया में तो सबसे
 
BAL SAJAG
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कविता: रिश्ते नाते

रिश्ते नाते पापा के पापा है हमारे दादा , बिहार मे पड़ता है जिला नवादा ... चाचा की बहन को कहते बुआ , हम सब खायेगे बुआ के हाथो से पुआ ... मम्मी के भाई को कहते हम मामा , दिल्ली चले बन्दर मामा पहन पजामा ... मम्मी की मम्मी है हमारी नानी , हमने राजा - रानी
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"अपना विद्यालय" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक")

विद्या का भण्डार भरा है जिसमें सारा। हमको अपना विद्यालय प्राणों से प्यारा।। नित्य नियम से विद्यालय में हम पढ़ने को जाते हैं।। इण्टरवल जब होता है हम टिफन खोल कर खाते हैं। खेल-खेल में दीदी जी विज्ञान गणित सिखलाती हैं। हिन्दी और सामान्य-ज्ञान भी ढंग से
 
डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
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बाल गीत....बीते दिन छुट्टी के अब.....

बीते दिन छुट्टी के अब खुल गए स्कूल बीते दिन मस्ती के अब सुस्ती जाओ भूल देर से उठना खूब खेलना दोस्तों के संग पार्क में जाना तितली के संग दौड़ लगाना अब तो जाओ भूल बीते दिन छुट्टी के अब खुल गए स्कूल दिन भर घर में उधम मचाना भइया के संग टीवी देखना पापा के
 
अर्चना तिवारी
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आओ हम झूमे नाचे गायें [बाल साहित्य] - सुषमा गर्ग

आओ हम झूमे नाचे गायें अहा खुशियाँ खूब मनायें नयी उमंगें नयी तरंगें हम नये तराने गायें हम हैप्पी न्यू ईयर गाये आओ चिंटू आओ दिशिता आओ पिंटू आओ इशिता हम सब दोस्त बन जायें अहा जी भर मौज उडायेँ हम हैप्पी न्यू ईयर गायें नया साल है नयी बात है तारों की बारात
 
साहित्य-शिल्पी