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ठाकरे के दर पर कांग्रेस का सिजदा

मुंबई की राजनीति में कांग्रेस दोहरे मापदण्ड अपना रही है. राहुल गांधी के दौरे के वक्त जहां शिवसेना को रोकने के लिए कांग्रेसी सरकार ने सख्त प्रशासनिक कदम उठाते हुए उनके मंसूबों को नाकाम कर दिया वहीं अब शाहरूख खान के सवाल पर कांग्रेस दोहरे मापदण्ड की
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'इंडिया' तो जीता, पर 'हिंदुस्तान' हार गया

छज बोले, सो बोले। छलनी भी बोलती, जिसमें हजारों छेद। चीन तो आंखें दिखा ही रहा था। अब पाक भी हेकड़ी दिखा रहा। भारत ने बातचीत की पेशकश क्या रख दी। अपने मुंह मियां मिट्ठू होने लगे। मुंबई हमले के बाद भारत कूटनीतिक दबाव बनाने में सफल रहा। पाक विदेश मंत्री शाह
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भाजपा की बैठक बनाम कोर्ट की अवमानना

लगता है भाजपा के नए निजाम नितिन गडकरी की ताजपोशी की घोषण महूर्त देखकर नहीं की गई थी। यही कारण है कि उनके अध्यक्ष बनते ही एक के बाद एक आघात प्रतिघात उन्हें सहने पडे। अब जबकि 17 से 19 फरवरी तक इन्दौर में चलने वाली भाजपा की राष्ट्रीय परिषद की बैठक में उनके
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सोचिए, कांग्रेस का 'हाथ' किसके साथ?

इंतिहा हो गई इंतजार की। पर अपने पीएम अभी भी यही कह रहे, थोड़ा और इंतजार करिए। कांग्रेस की वर्किंग कमेटी महंगाई पर सीएम मीटिंग से ठीक पहले हुई। तो मनमोहन ने कुछ हफ्तों में सरकारी कदम के असर की सफाई दी। शरद पवार ने दस दिन में महंगाई कम होने का दावा किया
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असली अमिताभ और फिल्मी अमिताभ में कोई समानता नही है

सदी के महानायक और पर्दे के एंग्री यंगमैन अमिताभ बच्चन वह नहीं है जो नरेन्द्र मोदी से हाथ मिलाकर राज्य में पर्यटन का बढ़ावा देने चल पड़ते हैं. यह अमिताभ बच्चन वह अमिताभ है जो पैसे के लिए किसी भी विज्ञापन में काम कर सकता है और किसी भी कंपनी का ब्राण्ड
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जनता के लिए जनता द्वारा जन-पत्रकारिता अब संभव नहीं

सोचा था दो साल पूरा होने के मौके पर कुछ आयोजन किया जाएगा. कुछ लोगों को बुलाया जाएगा. जो जुड़े हैं और जिनमें जुड़ने की संभावना है ऐसे सब लोग एक जगह बैठेंगे. बात करेंगे. लेकिन जैसे जैसे 25 फरवरी करीब आ रही है और विस्फोट को दो साल पूरा हो रहे हैं, लगता है,
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अमिताभ बच्चन का अक्लहीन फैसला

यूपी में सपा का दम निकलने के बाद या कहें कि अमर सिंह के साथ मिलकर सपा का दम निकालने के बाद अमिताभ बच्चन ने अब गुजरात में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए गुजरात का ब्रांड एम्बेसेडर बनने का निर्णय लिया है। सपा से अमर सिंह की विदाई के बाद अमिताभ बच्चन ने शायद
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महाराष्ट्र पर महासंग्राम

महाराष्ट्र पर महासंग्राम होने लगा। शाहरुख खान-आमिर खान से आगे बढ़ जंग अब संघ बनाम शिवसेना हो गई। संघ प्रमुख मोहन भागवत ने हिंदी भाषियों की रक्षा का एलान क्या किया। मुंबई की अपनी मांद में बैठा शेर दहाड़ उठा। बीजेपी से 26 साल की दोस्ती का कोई लिहाज नहीं।
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जब हाथों में हो जाम, तो निधन पर शोक कैसा?

कांग्रेस का किस्सा सुनिए। रामनिवास मिर्धा का शुक्रवार को निधन हो गया। गहलोत सरकार ने एक दिन का राजकीय शोक रखा। दिल्ली में सोनिया-मनमोहन ने श्रद्धांजलि दी। पर अपने राजस्थान से ही राज्यसभा सांसद अभिषेक मनु सिंघवी की कॉकटेल पार्टी में खूब जाम छलके।
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सठियाई व्यवस्था के बीच साठ का हुआ लोकतंत्र

गणतंत्र के सालाना जश्र को राजपथ सज गया। हर बार की तरह कदम से कदम मिलाते अपने जवान दिखेंगे। रंग-बिरंगी झांकियां होंगी। कुल मिलाकर भारत की अद्भुत क्षमता का प्रदर्शन होगा। पर आम आदमी को झलकियां पहले ही दिख गईं। जब कांग्रेस और शरद पवार ने महंगाई-महंगाई खेलने
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गले पड़ी मंहगाई

मंहगाई अब केंद्र सरकार के गले पड़ गई है। पिछले कई महीने से खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय की तरफ से गोलमोल बातें की जाती रहीं लेकिन जब मीडिया ने लगभग पूरी तरह से साबित कर दिया कि सरकारी नीतियां ही मंहगाई के लिए जिम्मेदार हैं तो अब केंद्र सरकार में
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यह रक्षामंत्री की रुटीन चेतावनी नहीं है

गणतंत्र दिवस के ठीक पहले हमारे रक्षा मंत्री एके एंटनी ने इस बात की घोषणा कर सबों को सकते में डाल दिया है कि देश में आतंकी हमले हो सकते हैं. उन्होंने जोर देकर कहा है कि यह सिर्फ एक रूटीन चेतावनी नहीं जो हर साल 26 जनवरी और पंद्रह अगस्त या ऐसे ही दूसरे
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थरुर के बाद अब मोंटेक कर रहे हैं इंदिरा गांधी की आलोचना

कांग्रेस का दुश्मन और कोई नहीं कांग्रेस ही है, यह बात कांग्रेस से जुड़े न जाने कितने बड़े नेता और जनसेवक कह चुके हैं। शशि थरूर हों या फिर खुद राहुल गांधी अपने बडबोलेपन से कांग्रेस को नुकसान पहुंचाने से नहीं चूकते। अबकी बार योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक
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माया-अमर की संभावित दोस्ती पर सवाल क्यों?

कुछ दिन पहले अनिल अंबानी और अमिताभ बच्चन की एक मीटिंग मायावती के सबसे खास अधिकारी नवनीत सहगल के साथ हुई। इस बैठक के बाद ही यह कयास लगा कि अमर सिंह दोस्ती का हाथ मायावती की तरफ बढ़ा रहे है। हालांकि अभी मायावती की तरफ से कोई हामी नहीं है। सारा प्रयास अमर
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राहुल गांधी आये, विवाद पीछे छोड़ गये

राहुल गांधी का मध्य प्रदेश में दो दिन के दौरे के बाद जो विवाद खड़ा हुआ था वह रुकने का नाम नहीं ले रहा है. राहुल गांधी तो अपना दौरा पूरा करके वापस चले गये लेकिन कांग्रेस और भाजपा दोनों एक दूसरे से उलझ पड़े हैं.
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अब कांग्रेस का आपला मानुस

कॉग्रेस हाईकमान को महाराष्ट्र के दो नेताओं ने परेशानी में डाल दिया है। कॉग्रेस की महाराष्ट्र में सहयोगी राष्ट्रवादी कॉग्रेस पार्टी के सुप्रीमो शरद पवार द्वारा चीनी की कीमतों एक दूध के सम्बध में दिए गए व्यक्तव्यों ने केन्द्र सरकार को बुरी तरह परेशानी मे
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राष्ट्रीय दल क्षेत्रीय मजबूरियां

कहते हैं, तोल-मोल के बोल। पर राजनीति में फार्मूला उल्टा। पहले बोल, फिर तोल-मोल। सो कांग्रेस हो या बीजेपी, अपने ही जाल में उलझ गईं। मकर संक्रांति के दिन जब यहीं पर राजनीति की खिचड़ी लिखी। तो ऑस्ट्रेलिया में भारतीयों पर नस्ली हमले की तुलना ठाकरे बंधुओं के
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सरकार के 38 बेरोजगार मंत्रियों का दुख

मंगलवार को केंद्र सरकार के 38 राज्य मंत्रियों में से 33 ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मिलकर शिकायत की है कि उनके वरीय मंत्री उन्हें मंत्रालय की जिम्मेवारियों में भागीदार नहीं बनाते. वरीय मंत्री अपने मंत्रालय का सारा काम खुद ही करने की कोशिश करते हैं,
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हॉकी की हत्या के लिए हम सब दोषी हैं

हम हिन्दुस्तानियों का प्रिय शगल है अति आत्म प्रवंचना साथ ही विश्व में शायद ही कोई ऐसा राष्ट्र होगा जो भारत से ज्यादा अतीतजीवी होगा। हम लोग अतीत में विचरण करते हैं या भविष्य को लेकर चिंतित रहते हैं। वर्तमान में जीने का अंदाज हमने अब तक ढंग से सीखा ही नहीं
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भारत बांग्ला संबंध में स्वर्ण युग का शुरुआत

डॉ वेदप्रताप वैदिक का मानना है कि बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना की यह भारत-यात्रा एतिहासिक सिद्ध होगी, इसमें ज़रा भी शक नहीं है। वैदिक कहते हैं कि बांग्लादेश की प्रधानमंत्री हसीना की यात्रा भारत-बांग्ला स्वर्ण-युग का प्रारंभ है।
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शेख हसीना की हसीन यात्रा

बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना वाजेद की भारत यात्रा सही मायनों में ऐतिहासिक रही. ख़ासकर खालिदा जिया के ६ साल के कुशासन के बाद लगता है कि बांग्लादेश में बदलाव की बयार बह रही है. भारत ने भी शेख हसीना का ज़ोरदार स्वागत किया. उन्हें इंदिरा गाँधी शान्ति
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आओ आम आदमी को मूर्ख बनाएं

'राही मनवा दुख की चिंता क्यों सताती है। दुख तो अपना साथी है। सुख है एक छांव ढलती, आती है, जाती है...।' आम आदमी के लिए अपनी सरकार का यही संदेश। मंगलवार को टली केबिनेट कमेटी ऑन प्राइस (सीसीपी) की मीटिंग बुधवार को हो गई। पर नतीजा दोस्ती फिल्म के
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मैंने सबको एक गाना सुनाया और झगड़ा खत्म

कल्चर के मामले में तो बीजेपी की सानी ही नहीं। अब नितिन गडकरी के हाथ कमान। सो गडकरी रोज नए फंडे गढ़ रहे। अब मंगलवार को रीजनल मीडिया के कुछ पत्रकारों से मिले। तो कई चौंकाने वाली बातें सामने आईं। यानी बिना फंड के फंडे चाहिए। तो गडकरी से मिलिए। महाराष्ट्र की
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ब्लैकमेल की राजनीति के बड़े पैरोकार

अमर सिंह के इस्तीफे को इस्तीफा देना नहीं कहा जा सकता अपितु यह कहा जा सकता है कि अमर सिंह ने इस्तीफा दे मारा है और प्रतीक्षा कर रहे हैं कि इस तीर से आहत शिकार तड़फता हुआ उनके कदमों में आ गिरे। अमर सिंह के व्यक्तित्व और कृतित्व पर दृष्टि डालने से यह बात कुछ
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अपने क्षेत्र में महज पच्चीस फीसदी लोगों ही जोड पाए युवराज!

आजाद हिन्दुस्तान पर आधी सदी से ज्यादा राज करने वाली कांग्रेस के कार्यकर्ताओं की नजर में भविष्य के प्रधानमंत्री राहुल गांधी अब ‘‘उंची दुकान फीका पकवान‘‘ ही साबित होते जा रहे हैं। कहने को तो वे देश भर में युवाओं को कांग्रेस से जोडने का बीडा अपने युवा से
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भारतीय जनता पार्टी की चौथी कुर्सी

बदली आबोहवा में बीजेपी नए सफर को निकल पड़ी। गढ़ के रक्षक गडकरी ने गुरुवार को पदाधिकारियों की पहली मीटिंग ली तो मंच पर तिकड़ी नहीं, चौकड़ी बैठी। बीजेपी की सभी अहम मीटिंगों में पहले अध्यक्ष और दोनों सदनों के नेता बैठा करते थे।
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'श्री' और 'जी' ने कराया अमर का इस्तीफा

श्री और जी, दो ऐसे शब्द है जिनके इस्तेमाल के बाद खुद व खुद सम्मान झलकने लगता है.अगर इन शब्दों का इस्तेमाल ना भी किया जाये तो कोई फर्क नही पडता है लेकिन अगर कोई इन्हीं दो शब्दों की बिना पर नाराज हो जाये तो माना जा सकता है कि उसका अपमान किया जा रहा है
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कल्याण सिंह की बाप-बेटा पार्टी

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी से तीन बार निष्कासित किए गए वरिष्ठ नेता कल्याण सिंह ने नई पार्टी बनाई है। उनकी नई पार्टी का नाम है जनक्रांति पार्टी। कल्याण ने अपने बेटे राजबीर सिंह को इसका अध्यक्ष बनाया है। हैरतअंगेज बात तो ये है कि कल्याण की
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चीं भाजपा का ई आंदोलन

भारतीय संस्कृति और परंपराओं की दुहाई देने वाली पार्टी अब आधुनिक तकनीक का दामन थाम सत्ता शीर्ष तक पहुँचने की जुगत में लगी हुई है । इंडिया शाइनिंग और इंटरनेट के ज़रिये मतदाताओं को रिझाने की तमाम कोशिशें नाकाम होने के बावजूद बीजेपी का अब भी संचार के तेज़ी से
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कांग्रेस मार रही खर्राटे, बीजेपी करेगी पहरेदारी

नया साल आया, तो नई शुरुआत भी होगी। सो बीजेपी ने संकल्प लिया। अब संकल्प नया या पुराना, आगे बात करेंगे। पर बीजेपी वॉचडॉग की भूमिका निभाएगी। यों आडवाणी मनमोहन की दूसरी पारी में अपने सांसदों की सक्रियता पर खूब पीठ ठोक चुके। सो अबकी भूमिका में नया अंदाज क्या
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2009 और कांग्रेस: सिर्फ दर्द दिया, दवा नहीं

तो सफरनामा- 2009 में आज बात कांग्रेस की। शुरुआती दिन 26/11 की कालिमा में ही गुजरे। पर अरसे बाद देश में जागरूकता दिखी। जब जनता ने आतंकवाद को राजनीतिक मुद्दा नहीं बनने दिया। अलबत्ता ऐसी लहर चली। कांग्रेस हो या बीजेपी, मुंह छुपाती दिखीं। पर सेमीफाइनल मे
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फिर ब्राम्हण बनिया पार्टी बन गई भाजपा!

जब से भारतीय जनता पार्टी का गठन हुआ है तब से इसे ब्राम्हण और बनियों की पार्टी ही कहा जाता रहा है। भाजपा पर लगे इस दाग को कुछ ही दिन पहले बमुश्किल धोया गया था, एक बार फिर भाजपा ब्राम्हणों की पार्टी बनकर उभर रही है। भाजपा के नए निजाम नितिन गडकरी, लोकसभा
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दिशोम गुरू की तीसरी कसम

भाजपा के सहयोग से शिबू सोरने की सरकार बनने की खबर पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए एक झारखंडवासी ने कहा कि लगता है वोट डालने वाली स्याही मिटने से पहले ही फिर से स्याही लगवाना पड़ेगा. किसी भी ऐसे व्यक्ति के लिए जो झारखंड का निवासी नहीं है यह प्रतिक्रिया
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मेरे प्यारे देशवासियों...

मैं सार्वजनिक जीवन जीनेवाले कुछ उन भाग्यशाली लोगों में से हूं जि्न्होंने न केवल आजादी के आंदोलन को करीब से देखा है बल्कि उसमें शामिल भी रहे हैं. एक छात्र के रूप में मैं आजादी के आंदोलन में भी शामिल रहा और 22 साल के नौजवान के रूप में मैंने लालकिले पर
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न कांग्रेस को जीत की खुशी, न भाजपा को हार का गम

झारखण्ड विधानसभा चुनाव परिणाम अब अंतिम तौर पर आ गये हैं. भाजपा और कांग्रेस दोनों के लिए चुनाव परिणाम चौंकानेवाले हैं. कांग्रेस को उम्मीद से अधिक सीटें मिली हैं लेकिन वह जीत का दावा नहीं कर रही है और भाजपा के उम्मीद से आधे पर सिमट जाने के बाद भी वह हा
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राहुल बाबा तक पहुंचे बाबा रामदेव

स्वयंभू योग गुरू बाबा रामदेव और कांग्रेस की नजर में देश के भावी प्रधानमंत्री राहुल गांधी के बीच एक घंटे से भी अधिक समय तक विचार विमर्श की जमकर चर्चा हो रही है। दरअसल अपनी विदेश यात्रा के पूर्व बाबा रामदेव ने कांग्रेस के युवराज राहुल गांधी से भेंट करन
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मुख्यमंत्री जी, महाराष्ट्र की जनता चाहती है राज्य का बंटवारा

मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण द्वारा रविवार को रांची में किए गए पृथक विदर्भ विरोधी बयान की तीखी प्रतिक्रिया हुई है। रविवार को मुख्यमंत्री श्री चव्हाण ने कहा था कि विदर्भ की जनता महाराष्ट्र का बंटवारा नहीं चाहती। राज्य का किसी भी सूरत में बंटवारा नहीं होगा।
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राजीव गांधी होते तो बनवाते राम मंदिर!

देर से ही सही कांग्रेस ने यह तो माना कि राम मंदिर मामले में तत्कालीन प्रधानमंत्री नरसिंहराव सटीक राजनीतिक फैसले लेने में चूक गये. कम से कम कांग्रेस ने यह तो मान लिया कि उस पूरे मामले में नरसिंहराव बिल्कुल बरी नहीं किये जा सकते. लेकिन कांग्रेस की यह स
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भारत-रूस परमाणु समझौता: अमरीकी ब्लैकमेल से छुटकारा

भारत और रूस के बीच परमाणु समझौता हो गया है. इस समझौते में बहुत सारी शर्तें नहीं हैं सीधे सीधे दोस्तों के बीच होने वाली समझदारी जैसी बात की गयी है . अमरीका से हुए परमाणु समझौते में जहां भारत को पूरी तरह से झुकाने की बात की गयी थी, हाइड एक्ट लगाया गया
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बाबरी को बरी करने का वक्त

साल बाद जस्टिस लिब्राहन आयोग की रिपोर्ट के आलोक में बाबरी के भूत को जगाने का प्रयास चल रहा है. 6 दिसंबर 1992 के बाद कई वर्षों तक इस्लामाबाद के अलंबरदारों ने बाबरी की याद में अजान दिया था. धीरे धीरे उनकी अजान बंद पड़ गयी थी. बाबरी ढांचे के विध्वंस को