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दिल्ली में बसंत चिंतन यानी चिरकुटई
दिल्ली में बसंत जब आया, तो दिल्ली की पब्लिक कोहरे से जूझ रही थी। बसंत कब आ गया, पता ही नहीं चला। सुना है कि पुराने जमाने में कई कवियों की ड्यूटी इस बात के लिए लगती थी कि जैसे ही बसंत आए, उस पर कविता कर दें। पुराने राजा महाराजा कई कवियों को सिर्फ इस
Feb 01 2010 10:14 AM



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