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डॉ श्याम गुप्त के तीन पद---
(१) हिन्दीहिन्दी सुन्दर सरल सुभाषा |सोलह आना सच है, नहिं कम, रत्ती तोला माशा |क्यों भटको भ्रमजाल में लोगो मन में लिए हताशा|कैसी हैशुचि सरल स्वाभाविक,सुन्दर भाव भरा सा|जो लिखें, वही पढ़ें ,सुनें औ समझें भाव व भाषा |हर अक्षर के ऊपर रेखा,सिर पर मौर बंधा
May 30 2010 12:01 PM



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