कौवा जब बोले तब 'कांव'
बृजभाषा की एक कहावत है कि कौवा जब बोले तब 'कांव'. कौवे को प्रकृति ने 'कांव' बोलने के लिये ही तो बनाया है. कौवे से आप मधुर स्वर की अपेक्षा करे भी तो क्यों? अत: यदि आप बार बार कौवे के श्रीमुख से 'कांव कांव' ही सुन रहे हैं तो कोई आश्चर्य नहीं होना चाहिये.
Sep 14 2009 06:18 PM



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