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दो अनिवार्य कविताएं

एक  प्रार्थनाशहर फट पड़ा बम के धमाकों सेबाजूवाला शहर भी फटाफिर... बाजूवालाईश्वर मुझे तुम्हारा नहींबाजूवाले का साथ चाहिए बौने हाथदिल की जमीं परनफरत का यूरियाऔर फिर देखिएसांप-बिच्छुओं की लहलहाती फसलकाटते हैं यही फसल बड़ी फुर्ती से कुछ बौने हाथ
 
Rajkumar
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गज़ब कानून..जारी....

कुछ अनिवार्य वजूहात के कारण, मुझे इस बडेही महत्वपूर्ण वक्तव्यको, अपूर्ण छोड़, दूसरे हिस्सेमे लिखना पड़ रहा है....पाठकोंसे इल्तिजा है, कि इसके पहलेका हिस्सा प्रथम पढ़ें और फिर " जारी है", इसे पढ़ें ! फिर एकबार क्षमस्व ! ) जारी है, श्री शेखावत, भारत के म