पसंद करें
7
नापसंद करें

प्रि‍ये! तुम्हारे लि‍ए.......

सच कहूँ तो फुर्सत मि‍ली नहीं कि‍ याद तुम्हें कर पाऊँ पर जो कुछ भी कर रहा हूँ ये सब तुम्हा रे लि‍ए है। मैंने कभी नहीं कहा था तुम्हारे लि‍ए तोड़ लाऊँगा चॉंद-तारे। सच तो ये है कि‍ तुम तक पहुँचने के लि‍ए अपने हाथों से मुझे बनानी पड़ रही है सड़क .........
 
जितेन्द़ भगत