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बड़ों के लिए बाल कविता

बिल्‍ली आयी बिल्‍ली आयीबिल्‍ली आयी बिल्‍ली आयीदौड़ भाग कर दिल्‍ली आयीखेल रहा था लगातारएक चूहा देखा सड़क पारआया उसके मुंह में पानीझट से अपनी मूंछें तानीतड़प रही थी भूख की मारीलेकिन क्‍या करती बेचारीमोटर गाड़ी कार सवारसबकी खूब तेज रफ्तारचले सड़क पर भीड़
 
पवन *चंदन*