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कवितायेँ

category – कवितायेँ Filed under: बचपन के दिन
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:: माँ ::

:: माँ :: माँ, माँ-माँ संवेदना है, भावना है अहसास है माँ, माँ जीवन के फूलों में खुशबू का वास है, माँ, माँ रोते हुए बच्चे का खुशनुमा पलना है, माँ, माँ मरूथल में नदी या मीठा सा झरना है, माँ, माँ लोरी है, गीत है, प्यारी सी थाप है, माँ, माँ पूजा की थाली [...]
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क्या आप ने भी आराम के लिए लगाया है झाड़ू की तीली से इंजेक्शन

आज अपनी बेटी भानी के साथ डॉक्टर डॉक्टर खेल रही थी कि अपना बचपन याद आ गया। हमारे पास बहुत सारे खिलौने होते थे लेकिन नहीं होता था तो एक डॉक्टर सेट। हम अपने खेल में इंजेक्शन की कमी को झाड़ू की खूब नुकीली तीली से पूरा करते थे। घर को बुहारने में खूब घीसी तीली
 
आभा