पसंद करें
0
नापसंद करें

जाना ज्योति बाबू का

यह ब्लॉग 'जो आता है उसको जाना है' टाइप का शाश्वत ज्ञान देने के लिए नहीं है। मुझे पता है कि एक बार कंप्लीट लाइफ सपोर्ट सिस्टम (जिसमें दिल, फेफड़े और शरीर के बाकी अंगों को मशीन के सहारे जिंदा रखा जाता है) पर जाने के बाद कम ही लोग वापस लौटते हैं। ज्योति
 
शिवेंद्र चौहान
पसंद करें
0
नापसंद करें

जाना ज्योति बाबू का

यह ब्लॉग 'जो आता है उसको जाना है' टाइप का शाश्वत ज्ञान देने के लिए नहीं है। मुझे पता है कि एक बार कंप्लीट लाइफ सपोर्ट सिस्टम (जिसमें दिल, फेफड़े और शरीर के बाकी अंगों को मशीन के सहारे जिंदा रखा जाता है) पर जाने के बाद कम ही लोग वापस लौटते हैं। ज्योति
 
शिवेंद्र चौहान
पसंद करें
0
नापसंद करें

पार्टी में अकेले पड़ गए हैं बुद्धदेव!

प्रभाकर मणि तिवारीकभी माकपा के शीर्ष नेतृत्व से अपने हर फैसले पर मुहर लगवा लेने वाले पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य अब अपनी ही पार्टी में अकेले पड़ गए हैं। अभी ज्यादा दिन नहीं हुए जब भट्टाचार्य की अगुवाई में राज्य में औद्योगिकीकरण की
 
प्रभाकर मणि तिवारी
टैग: बंगाल
पसंद करें
0
नापसंद करें

बंगाल में मुद्दा बने महापुरुष

नेताजी सुभाष चंद्र बोस, कवि नजरूल, मास्टर सूर्यसेन और उत्तम कुमार। पश्चिम बंगाल में लंबे अरसे से आम लोगों के नायक रहे यह तमाम महापुरुष फिलहाल राज्य में राजनीति का सबसे बड़ा मुद्दा बन गए हैं। दरअसल, मेट्रो रेलवे के विस्तार के बाद रेल मंत्री और तृणमूल
 
प्रभाकर मणि तिवारी
टैग: बंगाल
पसंद करें
0
नापसंद करें

बुद्धदेव सरकार के लिए नासूर बन गया है लालगढ़

पश्चिम मेदिनीपुर जिले का माओवाद प्रभावित लालगढ़ बुद्धदेव भट्टाचार्य की अगुवाई वाली राज्य की वाममोर्चा सरकार के लिए धीरे-धीरे एक ऐसे नासूर में बदल गया है जो अक्सर टीसता रहता है। दो महीने से जारी लालगढ़ अभियान के बावजूद सुरक्षा बलों को वहां खास कामयाबी
 
प्रभाकर मणि तिवारी
टैग: बंगाल
पसंद करें
0
नापसंद करें

बंगाल से आईएएस अफसरों का पलायन

एक बहुत पुरानी कहावत है कि बुरे वक्त में परछाई भी साथ छोड़ देती है। माकपा की अगुवाई वाली वाममोर्चा सरकार को शायद अब इस कहावत का अर्थ समझ में आ रहा है। बीते लोकसभा चुनाव में वाममोर्चा की किस्मत क्या बिगड़ी, राज्य के आईएएस अफसरों में डेपुटेशन पर केंद्र में
 
प्रभाकर मणि तिवारी
टैग: बंगाल
पसंद करें
0
नापसंद करें

अब गांधी से दो-दो हाथ कर रहे हैं वामपंथी

पश्चिम बंगाल में वाममोर्चा के सबसे बड़ी घटक माकपा ने राज्यपाल गोपाल कृष्ण गांधी के खिलाफ लगता है अंतिम मोर्चा खोल दिया है। वैसे, तो गांधी के कार्यकाल के दौरान माकपा से उनका छत्तीस का ही आंकड़ा रहा है। लेकिन अब उनके कार्यकाल के आखिरी दौर में माकपा ने उन पर
 
प्रभाकर मणि तिवारी
टैग: बंगाल
पसंद करें
0
नापसंद करें

खेत ही बाड़ खाने पर उतारू है बंगाल में!

पश्चिम बंगाल में क्या खेत ही बाड़ को खाने पर उतारू है? बर्दवान जिले के मंगलकोट के पास शुक्रवार को पुलिस वालों ने जिस तरह तृणमूल कांग्रेस की रैली के लिए बने मंच पर चढ़ कर उसके नेताओं व कार्यकर्ताओं पर लाठियां बरसाईं उससे यह सवाल उठने लगा है कि क्या यहां
 
प्रभाकर मणि तिवारी
टैग: बंगाल
पसंद करें
0
नापसंद करें

एक खामोश लेकिन सराहनीय क्रांति!

पश्चिम बंगाल के सबसे पिछड़े जिलों में शुमार और माओवादी गतिविधियों के लिए अक्सर सुर्खियां बटोरने वाले पुरुलिया जिले में बीते कुछ महीनों से एक खामोश क्रांति हो रही है. लेकिन माओवादी गतिविधियों के तले दबी इस क्रांति को कभी राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खी नहीं मिल
 
प्रभाकर मणि तिवारी
टैग: बंगाल
पसंद करें
1
नापसंद करें

अपनी ही दवा कड़वी लग रही है माकपा को

पश्चिम बंगाल में माकपा को अब अपनी ही दवा कड़वी लग रही है। हथियारों के जोर पर इलाकों पर कब्जे की जिस लड़ाई की शुरूआत उसने की थी वह अब उसे बहुत भारी पड़ रही है। अब जब विपक्ष ने उसे उसी की भाषा में जवाब देना शुरू किया है तो कामरेडों को जान के लाले पड़ ग
 
prabhakarmani
टैग: बंगाल